पाण्डुलिपियों के डिजिटाइजेशन पर ​हो रहा काम, विरासत को सहेजने का प्रयास

जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने जिलेवासियों से की अपील, राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण से जुड़ें, ​पाण्डुलिपियों के डिजीटाइजेशन हेतु दें सूचना

चूरू। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ अंतर्गत देशभर में पाण्डुलिपि विरासत के संरक्षण एवं डिजिटाइजेशन का कार्य प्रारम्भ किया गया है। मिशन अंतर्गत जिले में जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में समृद्ध विरासत को सहेजने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिला कलक्टर सुराणा ने जिलेवासियों से ज्ञान भारतम् मिशन अंतर्गत राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण से जुड़कर इस अभियान को सफल बनाने हेतु पाण्डुलिपियों के डिजिटाइजेशन कार्य में सहयोग की अपील की है। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत शैक्षणिक संस्थानों, महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों, मंदिरों, मठों, संग्रहालयों, पुस्तकालयों तथा निजी संग्रहकर्ताओं के पास उपलब्ध प्राचीन पाण्डुलिपियों का सर्वेक्षण कर उनका डिजिटाइजेशन किया जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पाण्डुलिपियों के रूप में संरक्षित भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुरक्षित रखना है। उन्होंने बताया कि समय के साथ नष्ट होती जा रही इन अमूल्य धरोहरों को डिजिटाइजेशन के जरिए आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जा सकेगा।उन्होंने बताया कि 16 जून तक चलने वाले सर्वेक्षण अभियान का उद्देश्य राजस्थान में व्यापक रूप से विभिन्न विषयों पर उपलब्ध पांडुलिपियों के सर्वेक्षण का कार्य किया जाना है। इस मिशन के माध्यम से हमारी प्राचीन पांडुलिपियां चाहे वे सार्वजनिक संस्थान में हों या निजी संरक्षण में हों, उनको आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने के लिए डिजीटाइजेशन करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पाण्डुलिपियों का किसी प्रकार से अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य केवल मात्र पाण्डुलिपियों का डिजीटाइजेशन करना है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों, महाविधालयों / विश्वविद्यालयों, मंदिरों, मठों, संग्रहालयों, पुस्तकालयों और निजी संग्रहकर्ताओं सहित जिलेवासियों से अपील की है कि यदि उनके पास या उनके परिचितों के पास किसी भी प्रकार की प्राचीन पाण्डुलिपियाँ उपलब्ध हैं, तो वे इसकी सूचना जिला स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारी सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी (एपीआरओ मनीष कुमार – मोबाइल नंबर 9587796780 अथवा ईमेल PROCHURU@GMAIL.COM) तथा सहायक नोडल अधिकारी भू – अभिलेख निरीक्षक ओमप्रकाश शर्मा (मोबाइल नंबर – 9414676552 )को उपलब्ध करवाएं, ताकि अधिकाधिक पाण्डुलिपियों का संरक्षण एवं डिजिटाइजेशन सुनिश्चित किया जा सके। आमजन का सहयोग इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में अत्यंत आवश्यक है।

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