नहीं तोड़ सका प्रशासन परसरामपुरा का स्टेडियम, विरोध के बाद बैकफुट पर!

एसडीएम ने कहा, पुलिस जाब्ता नहीं मिला, पर असल में विरोध के चलते टली कार्रवाई

कोलसिया/नवलगढ़ । झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
परसरामपुरा स्थित खेल स्टेडियम की चारदीवारी को अतिक्रमण मान हटाने की प्रस्तावित कार्रवाई नहीं हो सकी। प्रशासन का कहना है कि पुलिस जाब्ता ना मिलने के कारण कार्रवाई नहीं हुई। लेकिन चर्चा है कि पूर्व मंत्री डॉ. राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन और ग्रामीणों के आक्रोश के चलते प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा। इससे पहले सोमवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण पूर्व पूर्व चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में स्टेडियम परिसर के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्टेडियम क्षेत्र युवाओं की खेल प्रतिभा और भविष्य से जुड़ा है, ऐसे में चारदीवारी हटाने की कार्रवाई जनहित के खिलाफ है। डा. राजकुमार शर्मा ने प्रशासन को चेतावनी दी कि या तो प्रशासन वार्ता के लिए आ जाए, वरना सभी लोग एसडीएम कार्यालय कूच करेंगे। डा. शर्मा ने कहा कि प्रशासन ने हाइकोर्ट में गलत तथ्य पेश किए है, युवाओं के सपने तो तोड़ने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए जो सपना देखा था, वह हर हाल में पूरा होगा। आरएलपी नेता मुकेश रणवां ने कहा कि युवाओं के लिए हक की लड़ाई जारी रहेगी, ग्रामीण आर-पार की लड़ाई के मूड में है। इसके बाद डा. शर्मा खुद लोडर चलाकर नवलगढ़ के लिए रवाना हुए। ग्रामीण ट्रेक्टर- ट्रोली, गाड़ियों व बाइकों से नवलगढ़ एसडीएम कार्यालय पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों को एसडीएम कार्यालय के बाहर ही पुलिस ने रोक दिया गया। ग्रामीणों ने एसडीएम को गेट पर ही बुलाने की मांग की। इसके बाद डा. राजपाल शर्मा की सीआई अजयसिंह से हल्की नौक-झौक हो गई। इसके बाद डा. राजकुमार शर्मा गेट पर पहुंचे, उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन व जिला प्रशासन पूरी तरह से फेल है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों से वार्ता पहले भी हो सकती थी। उन्होंने प्रशासन को पांच मिनट में वार्ता करने की चेतावनी दी। इसके बाद पुलिस उपअधीक्षक महावीरसिंह डा. शर्मा से वार्ता के लिए पहुंचे। वार्ता के बाद ग्रामीणों को अंदर जाने दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जमकर नारबेाजी की। इसके बाद एसडीएम कुलदीपसिंह वार्ता के लिए पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई रोकने की मांग की। वहीं एसडीएम कुलदीप सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश की पालना में नदी के कैचमेंट एरिया में किए गए अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित है। इसमें स्टेडियम की चारदीवारी, सड़क शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पर्याप्त पुलिस जाब्ता उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्रवाई फिलहाल स्थगित की गई है। पुलिस बल मिलने पर कोर्ट आदेशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। डा. राजकुमार शर्मा ने कहा कि न्यायालय में गलत तथ्य पेश किए गए है, हाईकोर्ट की शरण लेंगे। सड़क तोड़ने का आदेश व ट्यूबवैल तोड़ने का आदेश वापस ले लिया गया है। प्रशासन को सद्बुद्धि आएगी। लोग जैळी लेकर पहुंचे।

सम्पूर्ण बंद रहा परसरामपुरा का बाजार

ग्राम परसरामपुरा स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम को बचाने के लिए ग्रामीणों ने स्टेडियम की चार दीवारी के आगे मानव शृंखला बना ली। जिससे की स्टेडियम को नहीं तोड़ा जा सका। लेकिन ना तो प्रशासन आया और ना ही वार्ता करने कोई प्रतिनिधि पहुंचा। गौरतलब है कि कोर्ट के आदेशानुसार परसरामपुरा स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम की दीवार सहित स्टेडियम का बिल्डिंग का कुछ हिस्सा, पानी की टंकी व ट्यूबवैल नदी के बहाव क्षेत्र में आने के कारण इसे अतिक्रमण माना है। जिसे हटाने के लिए सोमवार 27 अप्रेल को कोर्ट द्वारा जाब्ता मांगा गया था। जिसको बचाने को लेकर परसरामपुरा सहित आसपास के क्षेत्र के लोग नवलगढ़ के पूर्व विधायक चिकित्सा राज्य मंत्री डॉ.राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में सोमवार सुबह से ही नदी के तिराहे पर जुटने शुरू जो गए थे। 10 बजते बजते हजारों की संख्या में ग्रामीण इकठ्ठा हो गए और प्रशाशन के विरुद्ध नारेबाजी करने लग गए। नवलगढ़ तहसीलदार के आदेशानुसार कोर्ट ने खेल स्टेडियम को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए परसरामपुरा, झाझड़, गोठड़ा, बसावा के पटवारी—गिरदावर सहित तीन पुलिस निरीक्षक व 30 कांस्टेबल जाब्ते के लिए मांगे थे।

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