जल जीवन मिशन पर फोकस, अतिक्रमण हटाने के आदेश
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
जिले के हमीरी कलां में आयोजित रात्रि चौपाल प्रशासनिक सख्ती और जनसंवाद का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई। जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए साफ शब्दों में संदेश दिया कि विकास कार्यों में लापरवाही अब किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। चौपाल के दौरान कलेक्टर ने जल जीवन मिशन की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि “हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है—इसमें देरी या गुणवत्ता से समझौता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा।” उन्होंने कार्यों को तय समयसीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ग्राम पंचायत क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण पर भी कलेक्टर ने गंभीर रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सार्वजनिक भूमि पर किए गए अतिक्रमण को तुरंत हटाने के लिए प्रभावी अभियान चलाया जाए, ताकि विकास कार्यों में रुकावट न आए और आमजन को सुविधाओं का पूरा लाभ मिल सके। चौपाल में ग्रामीणों ने पेयजल संकट, टूटी सड़कों, बिजली व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। कलेक्टर ने मौके पर ही संबंधित विभागों को निर्देश देते हुए समस्याओं के त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा। इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैलाशचंद्र यादव, सरपंच दीपक जानू, एसडीएम सुमन चौधरी, बीडीओ ममता चौधरी, आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ. जितेंद्र स्वामी, डीएसओ डॉ. निकिता राठौड़, सहायक अभियंता अमित चौधरी, तहसीलदार इमरान खान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। रात्रि चौपाल के जरिए प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अब योजनाओं के क्रियान्वयन में ढिलाई नहीं चलेगी और जनसमस्याओं के समाधान में तेजी लाना ही प्राथमिकता होगी।

















