12 साल से लंबित मांग पर चेतावनी, निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन की तैयारी
हनुमानगढ़। हिमांशु मिढ्ढा
हनुमानगढ़ जंक्शन की सब्जी मंडी को नवां बाइपास पर स्थानांतरित नहीं किए जाने से व्यापारियों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। वर्षों से लंबित इस मांग को लेकर अब व्यापारियों का धैर्य जवाब देता नजर आ रहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही मंडी को नवां बाइपास स्थित नए परिसर में शिफ्ट नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।वर्तमान में सब्जी मंडी का संचालन संगरिया रोड स्थित भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में किया जा रहा है, जहां पर्याप्त स्थान के अभाव में सुबह के समय हालात बेकाबू हो जाते हैं। मंडी परिसर के अंदर और बाहर मुख्य मार्ग पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। ट्रकों की आवाजाही, रेहड़ियों की कतार और ग्राहकों की भीड़ के कारण यातायात प्रभावित होता है, जिससे व्यापारियों के साथ आमजन को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।बुधवार को बड़ी संख्या में मंडी व्यापारी नवां बाइपास स्थित नए सब्जी मंडी परिसर में एकत्रित हुए और विरोध-प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई।
व्यापारी देवेन्द्र शाक्य और केशव नानकानी ने बताया कि करीब 12 वर्ष पूर्व मंडी का आवंटन नवां बाइपास पर किया गया था। लगभग छह साल पहले भवन, सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं का निर्माण भी पूर्ण हो चुका है, इसके बावजूद आज तक मंडी को शिफ्ट नहीं किया गया।व्यापारियों ने आरोप लगाया कि देखरेख के अभाव में नए मंडी परिसर के भवन और चारदीवारी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। परिसर में चोरी की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। टूंटी, इलेक्ट्रिक बॉक्स और गेट तक चोरी हो चुके हैं। असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई हैं, लेकिन प्रशासन और पुलिस की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने से असंतोष बढ़ता जा रहा है।व्यापारियों के अनुसार वर्तमान मंडी भीड़भाड़ वाले इलाके में संचालित होने से रोजाना ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। सुबह 11 बजे तक मंडी क्षेत्र में पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। बारिश के बाद कीचड़ और जलभराव से स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे व्यापारियों को आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अलावा बाइक चोरी और निराश्रित पशुओं की समस्या भी लगातार बनी हुई है।व्यापारियों ने मांग की है कि नवां बाइपास स्थित नए मंडी परिसर में शीघ्र दुकानों का आवंटन कर व्यापार शुरू करवाया जाए। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और नियमित पुलिस गश्त की व्यवस्था करने की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो वे संगठित होकर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस मौके पर प्रधान केशव नानकनी, पूर्व प्रधान रतिराम शाक्य, सचिव देवेंद्र शाक्य, ओमप्रकाश, लीलाधर, अरुण कुमार सहित अन्य व्यापारी मौजूद थे।
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