चूरू । जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा विभाग की ओर से जिला सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय के सभागार में शुक्रवार को 57 वां अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर सभा को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव (एडीजे) डॉ. शरद कुमार व्यास ने कहा कि बालकों की क्षमताओं को पहचानकर उनका विकास कर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में शिक्षक की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। समतामूलक एवं शान्तिप्रिय समाज के निर्माण के लिए यह अति आवश्यक है कि हमारे बालकों को विधिक साक्षर बनाया जाए। हमारे संविधान में उल्लेखित अधिकारों एवं कर्त्तव्यों की उन्हें जानकारी करवाई जाए। आज की नई पीढ़ी में नशावृत्ति व हिंसा का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। इसका प्रमुख कारण बुरी संगत का दुष्प्रभाव है। उन्होंने सुझाव दिया कि बालक की गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हुए उनमें सही और गलत में भेद करने की क्षमता का विकास किया जाए, तभी वह बड़ा होकर एक अच्छा नागरिक बनेगा एवं समाज हित में कार्य करेगा।
विशिष्ट अतिथि नेहरू युवा केन्द्र के जिला युवा अधिकारी मंगल जाखड़ ने कहा कि समाज के विकास एवं उन्नति में शिक्षा का बहुत बड़ा योगदान है। इसके लिए स्वयंसेवी संगठनों एवं शिक्षित वर्ग को आगे आकर मिशनरी भावना से कार्य करने की आवश्यकता है। जिला सतत शिक्षा एवं साक्षरता अधिकारी ओमप्रकाश फगेडिया ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने इस वर्ष की साक्षरता की थीम की चर्चा करते हुए बताया कि परिवर्तनशील दुनिया में साक्षरता को बढ़ावा देना, स्थायी एवं शान्तिपूर्ण समाज की नींव का निर्माण करना है।
पुरस्कृत शिक्षक फोरम के जिलाध्यक्ष सूर्यप्रकाश त्रिवेदी और सीडीईओ कार्यालय के सन्दर्भ व्यक्ति आरपी विनय कुमार सोनी ने भी विचार व्यक्त किए। पुरस्कृत शिक्षक फोरम के जिला सचिव ओमप्रकाश तंवर ने अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता संकल्प का वाचन किया। मुख्य अतिथि ने उपस्थित जनों को साक्षरता की शपथ दिलाई। पेंशनर समाज के जिलाध्यक्ष बिरजूसिंह राठौड़ ने कार्यक्रम के अन्त में अध्यक्षीय उद्बोधन देकर धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर जिला एवं ब्लॉक स्तर पर श्रेष्ठ कार्य करने वाले 35 साक्षरता प्रभारी शिक्षकों व स्वयंसेवी शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। राजीविका मिशन की महिलाओं ने साक्षरता एवं कम्प्यूटर शिक्षा के महत्त्व को रेखांकित करते हुए सुन्दर गीतों की प्रस्तुति दी। एक साक्षर-एक पौधा लगाने की योजना के अन्तर्गत अतिथियों को गमलों में विकसित पौधे देकर उनका सम्मान किया।
कार्यक्रम में ब्लॉक समन्वयक कल्पना फगेड़िया, सहायक परियोजना अधिकारी राजेन्द्रसिंह और एओ उम्मेदसिंह का उल्लेखनीय सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन शिक्षाविद् ओमप्रकाश तंवर ने किया। इस अवसर पर पेंशनर समाज के हरिसिंह, विनोदकुमार जांगिड़, लक्ष्मणराम नैण, जनसम्पर्क विभाग के रामचन्द्र सहित बड़ी संख्या में साक्षरता प्रभारी शिक्षकों व स्वयंसेवी शिक्षकों ने भाग लिया।
















