कला जागृति संस्थान के आयोजन में कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुतियां, कला-संस्कृति को समाज की पहचान बताया
चूरू। झारिया मोरी स्थित विवेकानंद बाल भारती माध्यमिक विद्यालय में कला जागृति संस्थान की ओर से ‘एक शाम चार सितारों के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सदाबहार फिल्मी गीतों की शानदार प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। विभिन्न कलाकारों ने लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुतियां देकर माहौल को संगीतमय बना दिया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य तनवीर खान ने कहा कि कला और संस्कृति समाज की पहचान हैं। संगीत के माध्यम से आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कला जागृति संस्थान की ओर से आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रमों को सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच देने के साथ शहर की सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देते हैं।
पारिवारिक न्यायाधीश पवन कुमार वर्मा ने कहा कि संगीत मनुष्य के जीवन में आनंद, संवेदना और सकारात्मकता का संचार करता है। सदाबहार गीत हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं, जो विभिन्न पीढ़ियों को आपस में जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम लोगों को व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर संगीत का आनंद लेने और पुरानी यादों को ताजा करने का अवसर देते हैं।
गणेश वंदना से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व सभापति विजय कुमार शर्मा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी संतोष महर्षि, डॉ. महेश मोहन पुकार, पूर्व कर्मचारी नेता नौरंग वर्मा, डॉ. कमल वशिष्ठ, गोविंद सिंह राठौड़, डॉ. शशीधर शर्मा, डॉ. कर्नल सुरेंद्र शर्मा एवं पं. कृष्णानंद व्यास सहित अन्य अतिथियों ने किया।कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान अध्यक्ष विनोद व्यास ने यमन राग में गणेश वंदना की प्रस्तुति से की। इसके बाद दीपांशु व्यास ने सरस्वती वंदना एवं ‘अकेले हैं चले आओ’ प्रस्तुत किया।
कलाकारों ने बांधा सुरों का समां
कांता सोनगरा ने ‘हमें और जीने की तमन्ना’, रवि सैन ने ‘जब जब बहार आई’, डॉ. कमल वशिष्ठ ने ‘कोई सागर दिल को बहला सकता नहीं’, राजकुमार शर्मा ने ‘तेरी आंखों के सिवा’ तथा जगदीश खेड़ीवाल ने ‘जिंदगी एक प्यार का नगमा है’ गीत प्रस्तुत किया।इसी क्रम में दीप राठौड़ ने ‘मेरे नैना सावन भादों’, आनंदबाला ने ‘अजी रूठकर कहां जाइएगा’, बृजमोहन व्यास ने ‘छू लेने दो नाजुक होठों को’, लखन शर्मा ने ‘क्या हुआ तेरा वादा’, हर्षवर्द्धन ने ‘रिमझिम के गीत सावन गाए’, योगेश शर्मा ने ‘छूकर मेरे मन को’, विजयकांत चोटिया ने ‘जय बोलो बेईमान की’ और लालचंद सैनी ने ‘हमने तुझको प्यार किया है इतना’ गीत प्रस्तुत कर संगीत प्रेमियों का मन मोह लिया।
संस्थान अध्यक्ष विनोद व्यास ने बताया कि पारिवारिक न्यायाधीश पवन कुमार वर्मा ने माउथ ऑर्गन पर मधुर धुनें प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम के सफल आयोजन में मनोज जोशी, दीपक व्यास, परमेश्वर तिवाड़ी, सुरजीत, सूर्यप्रकाश, योगेश, हेमंत एवं युग ने सहयोग किया। मंच संचालन एडवोकेट ओमप्रकाश वर्मा एवं रवि दाधीच ने किया।













