महासंघ ने कहा—विद्यालय सुधार के नाम पर शिक्षकों से दुर्व्यवहार और सोशल मीडिया प्रचार स्वीकार्य नहीं
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चूरू। बगरू स्थित राजकीय विद्यालय में सुधार के नाम पर सामने आए घटनाक्रम को लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान विद्यालय शिक्षा ने कड़ी आपत्ति जताई है। महासंघ ने विद्यालय परिसरों में बाहरी व्यक्तियों के अनधिकृत हस्तक्षेप और शिक्षकों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।इस संबंध में संकल्प भवन, आदर्श विद्या मंदिर चूरू में महासंघ की प्रेस वार्ता आयोजित हुई। महासंघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष संपत सिंह ने कहा कि विद्यालय केवल भवन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य निर्माण के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। विद्यालयों में सुधार और विकास के लिए विद्यालय विकास एवं प्रबंधन समिति (SMC/SDMC), अभिभावकों, स्थानीय समुदाय और शिक्षकों की सहभागिता के लिए निर्धारित व्यवस्था मौजूद है।
सोशल मीडिया लोकप्रियता को वैधानिक अधिकार नहीं माना जा सकता
महासंघ ने आरोप लगाया कि सुधार के नाम पर बाहरी तत्वों द्वारा विद्यालय परिसर में प्रवेश करना, शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार करना, वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करना और शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करना उचित नहीं है।महासंघ ने कहा कि किसी व्यक्ति या समूह की सोशल मीडिया लोकप्रियता उसे सरकारी विद्यालयों में निरीक्षण करने अथवा शिक्षकों की योग्यता परखने का वैधानिक अधिकार नहीं देती।
जांच के लिए निर्धारित प्रक्रिया जरूरी
महासंघ के विमर्श संयोजक राजवीर सिंह राठौड़ ने कहा कि विद्यालयों की जांच, निरीक्षण और प्रशासनिक समीक्षा निर्धारित नियमों के अनुसार संबंधित विभागीय अधिकारियों और अधिकृत समितियों द्वारा ही की जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि शिक्षक निर्धारित चयन प्रक्रिया और परीक्षाओं के माध्यम से नियुक्त होते हैं। ऐसे में किसी बाहरी समूह द्वारा शिक्षकों की योग्यता पर सवाल उठाना शिक्षक सम्मान और शिक्षण पेशे की गरिमा के विपरीत है।
विद्यालयों की सुरक्षा मजबूत करने की मांग
महासंघ ने बगरू विद्यालय परिसर में अनधिकृत प्रवेश कर कथित रूप से उपद्रव एवं अराजकता फैलाने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन से तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की।इसके साथ ही प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग रखी गई, ताकि बाहरी हस्तक्षेप के कारण शिक्षकों, विद्यार्थियों और विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली प्रभावित न हो।
शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रखने की अपील
महासंघ के संभाग संगठन मंत्री कृष्ण कुमार सैनी ने शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक हित साधने अथवा प्रायोजित असंतोष का माध्यम बनाए जाने के प्रयासों पर प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की।महासंघ ने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में अराजकता, हिंसा अथवा शिक्षक उत्पीड़न को स्वीकार नहीं किया जाएगा और विद्यालयों की गरिमा एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।














