सीपीआई(एम) नेता महिपाल पूनिया ने किया निरीक्षण, बोले— निर्माण में अनियमितताओं ने छात्रों की जान को डाला खतरे में
बिसाऊ I झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
मंडावा विधानसभा क्षेत्र के बिसाऊ स्थित राजकीय महाविद्यालय भवन में आई गंभीर दरारों और निर्माण संबंधी खामियों को लेकर छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के वरिष्ठ नेता कामरेड महिपाल पूनिया ने शनिवार को महाविद्यालय का दौरा कर हालात का जायजा लिया और मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई। निरीक्षण के दौरान महाविद्यालय भवन की दीवारों, छतों तथा अन्य हिस्सों में बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई दीं। भवन की यह स्थिति देखकर उपस्थित लोगों ने चिंता जताई और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। सीपीआई(एम) नेताओं का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इस मौके पर कामरेड महिपाल पूनिया ने कहा कि करोड़ों रूपये की लागत से निर्मित महाविद्यालय भवन में इतनी कम अवधि में गंभीर दरारें आ जाना निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की आशंका को बल देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और संबंधित निर्माण एजेंसी की लापरवाही के कारण सैकड़ों विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। एसएफआई जिलाध्यक्ष आशीष पचार ने कहा कि शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन बिसाऊ महाविद्यालय की स्थिति यह दर्शाती है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होने पर किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं डीवाईएफआई जिला उपाध्यक्ष साहिल खान ने भवन निर्माण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि निर्माण कार्य में यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय कर दोषी अधिकारियों, ठेकेदारों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कपिल चोपड़ा ने कहा कि छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महाविद्यालय भवन की तत्काल मरम्मत कर सुरक्षित शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए तो सीपीआई(एम) और क्षेत्र की जनता छात्रों की सुरक्षा के मुद्दे पर व्यापक जनआंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगी। निरीक्षण के दौरान सीपीआई(एम) तहसील अध्यक्ष अमित शेखावत (झुंझुनूं), रफीक खान तथा आवेश भी मौजूद रहे।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
छात्र संगठनों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि महाविद्यालय भवन की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए, भवन की सुरक्षा का आकलन किया जाए तथा आवश्यक मरम्मत कार्य प्राथमिकता के आधार पर करवाया जाए, ताकि विद्यार्थियों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बिसाऊ का यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है और लोगों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।










