वेलफेयर कैंप में उमड़ा जनसैलाब, न्याय, योजनाओं और जागरूकता को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प
खेतड़ी I झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
“न्याय केवल अदालतों की चारदीवारी तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक अधिकार और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही सच्चा न्याय है।” इसी सोच को साकार करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झुंझुनूं ने बुधवार को खेतड़ी नगरपालिका भवन में विशाल लोक कल्याणकारी शिविर आयोजित कर जन-चेतना की नई मिसाल पेश की। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झुंझुनूं एवं विभिन्न प्रशासनिक विभागों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस वेलफेयर कैंप में आमजन को न केवल कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई, बल्कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से भी सीधे लाभान्वित किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने स्वास्थ्य जांच, विधिक परामर्श, सामाजिक योजनाओं एवं सहायता सेवाओं का लाभ उठाया। कार्यक्रम में मंचस्थ अतिथियों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झुंझुनूं के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. महेंद्र के. सिंह सोलंकी, तालुका विधिक सेवा समिति खेतड़ी के अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश प्रेमसिंह धनवाल, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-02 सरिता चौधरी, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सीमा कुमारी, न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद कुमार, तहसीलदार सुनील कुमार तथा अधिशाषी अधिकारी नागरमल गुर्जर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
“कोई भी व्यक्ति अधिकारों से वंचित न रहे” — डॉ. सोलंकी
शिविर को संबोधित करते हुए सचिव डॉ. महेंद्र के. सिंह सोलंकी ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में कोई भी नागरिक अपने अधिकारों से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने आमजन को निःशुल्क विधिक सहायता, मध्यस्थता 2.0 अभियान, नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100, साइबर अपराधों से बचाव, स्थायी लोक अदालत तथा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही लोगों से अपील की कि वे ऐसे शिविरों में अधिकाधिक भाग लेकर अपने अधिकारों और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। शिविर में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सहित अनेक विभागों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। विभागीय अधिकारियों ने आमजन को विभिन्न योजनाओं, पात्रता एवं लाभ प्रक्रिया की जानकारी दी तथा पात्र व्यक्तियों को मौके पर ही योजनाओं से जोड़ा गया।स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच एवं परामर्श सेवाएं दी गईं, जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग ने महिलाओं और बच्चों से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी। श्रम एवं सामाजिक न्याय विभाग ने श्रमिकों, वृद्धजनों और जरूरतमंद वर्गों के लिए संचालित योजनाओं से अवगत कराया।जनभागीदारी ने बनाया शिविर को ऐतिहासिक शिविर में उमड़ी भारी भीड़ और लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने इसे एक सफल और प्रभावी जनकल्याणकारी अभियान का स्वरूप दे दिया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी विभागों एवं सहयोगी अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार जन-जागरूकता और सेवा के अभियान जारी रखने का संकल्प दोहराया।













