पोक्सो न्यायालय का सख्त फैसला, डेढ़ लाख से अधिक का जुर्माना भी लगाया
झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
पोक्सो न्यायालय झुंझुनूं के विशिष्ट न्यायाधीश इसरार खोखर ने नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म के मामले में आरोपी अभिषेक उर्फ अभिराज को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माना राशि जमा नहीं कराने पर आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। मामले के अनुसार तीन नवंबर 2024 को पीड़िता के पिता ने पुलिस थाना सिंघाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग पुत्री घर से लापता हो गई है। पुलिस जांच के बाद आरोपी अभिषेक उर्फ अभिराज के खिलाफ पोक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में चालान न्यायालय में पेश किया गया। राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेंद्र सिंह भाम्बू ने न्यायालय को बताया कि 11 दिसंबर 2024 को पीड़िता पुलिस के समक्ष पेश हुई। पीड़िता ने बयान में बताया कि आरोपी उसे बहला-फुसलाकर एवं डरा-धमकाकर चिड़ावा ले गया और बाद में चूरू से जयपुर पहुंचाकर मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद आरोपी ने उसे जयपुर स्थित एक मकान में बंद रखा तथा कई बार जबरन दुष्कर्म किया। दुष्कर्म के चलते पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म भी दिया। अभियोजन पक्ष ने मामले में 13 गवाहों के बयान करवाए तथा 33 दस्तावेज न्यायालय में पेश किए। अभियोजन ने मामले को गंभीर प्रकृति का बताते हुए आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। न्यायालय ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों का गहन परीक्षण करते हुए आरोपी को विभिन्न धाराओं में क्रमशः 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 50 हजार रुपये जुर्माना, पांच वर्ष का कठोर कारावास एवं 30 हजार रुपये जुर्माना तथा अन्य धारा में पांच वर्ष का कठोर कारावास एवं 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलाने के आदेश दिए गए हैं। न्यायालय ने आरोपी पर कुल एक लाख 60 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।













