सीबीएसई 10वीं में 99.20% अंक, राजस्थान में द्वितीय व ऑल इंडिया में चतुर्थ रैंक—परिवार की तीन पीढ़ियों की शिक्षा परंपरा को किया गौरवान्वित
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़।
शेखावाटी की धरती एक बार फिर प्रतिभा की नई मिसाल बनकर उभरी है। सीकर जिले के सीगड़ा ग्राम निवासी अरना तेतरवाल ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की कक्षा 10वीं परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 99.20 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। इस अद्वितीय उपलब्धि के साथ अरना ने शेखावाटी में प्रथम स्थान, राजस्थान प्रदेश में द्वितीय स्थान तथा अखिल भारतीय स्तर पर चतुर्थ रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम देशभर में रोशन कर दिया है। अरना की इस ऐतिहासिक सफलता से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा गांव और जिला गौरवांवित महसूस कर रहा है। परिणाम घोषित होते ही बधाइयों का तांता लग गया और क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया।
शिक्षा संस्कारों की मजबूत नींव से मिली सफलता
अरना एक उच्च शिक्षित परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता डॉ. सुधेश तेतरवाल सीएचसी तारपुरा (सीकर) में प्रभारी चिकित्सक हैं, जबकि माता अंजू तेतरवाल राजकीय महाविद्यालय मलसीसर में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। वहीं उनके दादा कमलेश तेतरवाल, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रतापगढ़) हैं, जिन्होंने बताया कि परिवार में तीन पीढ़ियों से शिक्षा का गहरा प्रभाव रहा है, और अरना ने उसी परंपरा को नई ऊंचाई दी है। दादी के संस्कार और स्नेह को दिया सफलता का श्रेय ॥ अरना ने अपनी सफलता का श्रेय विशेष रूप से अपनी दादी बनारसी देवी को दिया है। उनका कहना है कि दादी के स्नेह, अनुशासन और मार्गदर्शन ने उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। परिवार के मजबूत समर्थन और सकारात्मक माहौल ने उनकी मेहनत को नई दिशा दी।
अब इंजीनियर बनने का लक्ष्य
अपनी इस उपलब्धि के बाद अरना ने भविष्य के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय कर लिया है। उन्होंने बताया कि वे आगे चलकर इंजीनियर बनना चाहती हैं और इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है। वहीं अरना की सफलता से सीगड़ा गांव सहित पूरे शेखावाटी अंचल में उत्सव का माहौल है। स्थानीय लोगों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों ने इस उपलब्धि को क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बताया है।










