पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उपेन्द्र राय ने किया विभिन्न केंद्रों का लोकार्पण

सीकर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय में ‘आत्मनिर्भर शेखावाटी’ विषय पर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपेन्द्र राय (चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ, भारत एक्सप्रेस) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।इस दौरान उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय कौशल विकास केंद्र, उद्यमिता केंद्र और प्रतिभा पोषण (इन्क्यूबेशन) केंद्र का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में धर्मेन्द्र सिंह शेखावत तथा ओम प्रकाशक शर्मा सहित कई उद्योगपति, जनप्रतिनिधि और बुद्धिजीवी मौजूद रहे।
अपने संबोधन में उपेन्द्र राय ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का संदेश देते हुए कहा कि महात्मा बुद्ध भारत की पहचान के प्रमुख प्रतीक हैं और उनकी विचारधारा आज भी विश्व में प्रासंगिक है। उन्होंने युवाओं से मौलिकता अपनाने और परंपराओं से आगे बढ़कर सोच विकसित करने की अपील की।उन्होंने कहा कि जीवन के संघर्ष से सीखकर आगे बढ़ना ही सफलता की कुंजी है। यदि व्यक्ति ठान ले तो वह असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकता है। साथ ही उन्होंने कबीर का उदाहरण देते हुए कहा कि महान व्यक्तित्व अपने विचारों और कर्मों से पहचान बनाते हैं।उपेन्द्र राय ने मरवाड़ी समाज की सराहना करते हुए कहा कि यह समुदाय आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने युवाओं को नौकरी खोजने के बजाय स्वरोजगार और उद्यमिता की ओर अग्रसर होने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप, नवाचार और हस्तशिल्प से जुड़ी प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें क्षेत्रीय प्रतिभाओं की झलक देखने को मिली। संगोष्ठी में ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में शेखावाटी क्षेत्र की भूमिका पर भी विस्तृत चर्चा की गई।विश्वविद्यालय में वर्तमान में सैकड़ों महाविद्यालयों से जुड़े लाखों विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत यहां उच्च शिक्षा के नए आयाम विकसित किए जा रहे हैं।
















