चूरू। संस्कृत शिक्षा विभाग में हाल ही गलत तरीके से किए गए तबादला आदेशों का विरोध करते हुए राजस्थान संस्कृत शिक्षा विभागीय शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इन तबादला आदेशों की जांच कराने की मांग की। संगठन के चूरू जिला अध्यक्ष सुरेश कुमार सुंडा ने बताया कि विभाग ने तबादलों के नाम पर संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत, किडनी, हार्ट, उदर ,गठिया रोगियों, एकल महिला, दिव्यांग, सेवानिवृत्ति के करीब, विद्यालय में समर्पित भाव से काम करने वालों, भामाशाहों, प्रेरकों सहित अनेक शिक्षकों को बीच सत्र में तबादलों के नाम पर सुदूर 700 किलोमीटर तक लगाकर प्रताड़ित किया है, जो सजा और अव्यवस्था को इंगित करता है। संगठन ने इसकी निंदा करते हुये बताया कि बिना किसी नीति नियम से किए गए तबादलों की जांच करवाने, जिम्मेदारी तय करने व तबादला पीड़ितों के आदेश निरस्त करवा कर राहत प्रदान करने के लिए संगठन के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तिवाड़ी मऊ ने मुख्यमंत्री को पत्र देकर समुचित कार्यवाही की मांग की। पत्र में यह भी लिखा कि बीच सत्र में किए गए तबादलों से संगठन में आक्रोश व्याप्त है। वहीं इस प्रकार से किए गए तबादलों से सरकार व संस्कृत शिक्षा विभाग की छवि खराब हो रही है। यदि तबादला पीड़ितों को राहत नहीं दी गई तो संगठन प्रदेश भर में लोकतांत्रिक तरीके से इस प्रकार के दमनकारी तबादलों का विरोध करेगा।
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