शक्तिपुंज परशुराम नामांकरण पर विप्र फाउंडेशन ने मनाया उत्सव
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
स्थानीय जोशियों की कुटिया में विप्र फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष कमलकांत शर्मा की अध्यक्षता में विप्र फाउंडेशन पदाधिकारियों एव कार्यकर्ताओं ने विश्व की सबसे ऊंची परशुराम मूर्ति का ‘शक्तिपुंज परशुराम’ नामकरण होने पर उत्साहपूर्वक समारोह मनाया। विप्र फाउंडेशन जिला संयोजक उमाशंकर महमिया ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश की 54 फीट की पंचधातु निर्मित प्रतिमा को ‘स्टेच्यू आफ स्ट्रेंथ’ शांति पुंज परशुराम का गौरवपूर्ण नाम मिलने पर विप्र फाउंडेशन सहित ब्राह्मण समाज के गणमान्यजन ने उत्साह के साथ जन्माष्टमी पर्व पर पं. हरिकिशन शुक्ला के आचार्यत्व में भगवान परशुराम की 15 इंची अष्टधातु से निर्मित मूर्ति का पंचामृत से दुग्धाभिषेक कर पूजा अर्चना के साथ आतिशबाजी की एव एक दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई व शुभकामनाएं दी। महमिया ने बताया कि लोहित अरूणाचल प्रदेश स्थित भगवान परशुराम मूर्ति सनातन मान्यता के अनुसार ईशान कोण देवस्थान में स्थित है। जहां देव प्रतिष्ठा से सुख, समृद्धि, शक्ति, सुयश और सुमंगल सुनिश्चित होता है। सौभाग्य से भारत के ईशान कोण व अरुणाचल प्रदेश के भी ईशान में स्थित है आदि-तीर्थ परशुराम कुंड। वर्ष 2022 में केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से परशुराम कुंड तीर्थोन्नयन योजना प्रारम्भ हुई। जिसमें विप्र फाउंडेशन को विश्व की सर्वाधिक ऊंची 54 फीट पंचधातु निर्मित भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापित करने का सौभाग्य मिला। भारत के गृह मंत्री अमित शाह के कर-कमलों से भूमि पूजन के बाद, विख्यात मूर्तिकार नरेश कुमावत द्वारा निर्माण कार्य आरम्भ हुआ। जो अब अंतिम चरण में है। बुधवार को मूर्ति स्थल पर आयोजित एक गरिमामयी समारोह में अरुणाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री चाउना मीन ने इस प्रतिमा के नाम की घोषणा की। मंगल ध्वनियों के बीच उद्घोष हुआ “स्टेच्यू आफ स्ट्रेंथ” अर्थात “शक्तिपुंज परशुराम”। उप-मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि परशुराम कुंड तीर्थोन्नयन प्रदेश के विकास को नई ऊंचाई प्रदान करेगा। यह ऐतिहासिक घोषणा भारतीय संस्कृति और विप्र गौरव के लिए इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगी। इस अवसर पर जिला संरक्षक एडवोकेट सुशील जोशी, कृष्ण मुरारी ढंढ, अशोक जोशी, वशिष्ठ कुमार शर्मा, गोपाल सहल, पुजारी शिवचरण जोशी, कोषाध्यक्ष राकेश सहल, तहसील अध्यक्ष अनिल जोशी, नगर अध्यक्ष अमित पांडे, श्यामसुंदर दाधीच, रवि शुक्ला, ओमरतन जोशी, रमेश महमिया, चंद्रप्रकाश जोशी, रमेश चौमाल, अनिल चोटिया, विनोद महमिया, श्याम निर्मल, राजीव लोचन पांडेय, राजेश ढंढ, बबलू जोशी सहित अनेक गणमान्यजन एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।