सामूहिक संस्कृत गीतों के साथ ब्रह्मचारियों और विद्वानों ने दिया देववाणी को समर्पण का संदेश, आचार्य देवकरण शर्मा का हुआ सम्मान
चूरू। सेठ जयदयाल गोयन्का द्वारा स्थापित स्थानीय श्रीऋषिकुलब्रह्मचर्याश्रम महाविद्यालय, चूरू में शनिवार को संस्कृत दिवस पर आश्रम के आचार्यों, कर्मचारियों, ब्रह्मचारियों, अभिभावकों व चूरू एवं आस पास के कई विद्वानों ने आश्रम परिसर में संस्कृत दिवस मनाया। इस दौरान समस्त विद्वानों ने ब्रह्मचारियों के साथ सामूहिक संस्कृत गीतों का गायन करते हुए आचार्य दीपक शर्मा एवं केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के आचार्य देवकरण शर्मा के संचालन में ब्रह्मचारियों एवं आचार्यों के विचारों का श्रवण किया। आश्रम के प्रबंधक ईश्वर सिंह राठौड़ ने आश्रम की सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं पर प्रकाश डालते हुए आश्रम परिसर को संस्कृतमय बनाकर देववाणी संस्कृत को बढ़ावा देने का वादा करते हुए ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभान्वित करने पर जोर दिया। अन्त में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के आचार्य देवकरण शर्मा का शाॅल औढ़ाकर सम्मान किया व आये हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया।