चूरू। जिला मुख्यालय स्थित पंचायत समिति सभागार में शनिवार को आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार और घायल व्यक्तियों की पहचान एवं सहायता के लिये ट्रायेज प्रणाली का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। सीएमएचओ डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि इस प्रकार का प्रशिक्षण कार्यकुशलता में वृद्धि करेगा। ये प्रशिक्षण बेहतरीन आपदा प्रबंधन के लिए सहायक व जीवन रक्षक साबित होते हैं। प्रशिक्षण के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों में घायल व्यक्तियों की गंभीरता के अनुसार प्राथमिकता तय कर सहायता पहुंचाने की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान ट्रायेज के प्रमुख चार वर्गों लाल, पीला, हरा और काला रंग के बारे में बताते हुए मौके पर प्रदर्शन कर जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि ट्रायेज प्रशिक्षण में लाल टैग के अंतर्गत अत्यंत गंभीर घायल, जिन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है, पीले टैग में मध्यम स्तर के घायल, जिन्हें थोड़ी देर बाद इलाज दिया जा सकता है, हरे टैग में सामान्य रूप से घायल, जिनका इलाज सबसे बाद में किया जा सकता है तथा काले टैग में ऐसे व्यक्ति जो मृत हैं या जिनकी जीवित रहने की संभावना बहुत कम है आदि आते हैं। आपातकालीन परिस्थितियों में घायलों की गंभीरता के अनुसार टैग किया जाकर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध करवाए जाने के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। आपातकालीन स्थितियों में घायलों को इसकी गंभीरता के अनुसार यथाशीघ्र अस्पताल पहुंचाकर बेहतरीन चिकित्सा सुविधा प्रदान किए जाने की जानकारी दी। आपातकालीन परिस्थितियों में विशेष सावधानियों, उपायों, चिकित्सकीय सहायता, प्राथमिक उपचार आदि के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में तहसीलदार अशोक गोरा, डॉ. ताराचंद खीचड़, डॉ. अक्षय ढ़ाका, बीसीएमओ डॉ. जगदीश सिंह भाटी व बीपीएम ओमप्रकाश प्रजापत ने भी प्रशिक्षण में जानकारी दी। प्रशिक्षण में राजकीय लोहिया कालेज के एनसीसी के 50, एनएसएस के 180, स्वामी गोपालदास बालिका महाविद्यालय के एनएसएस की 50, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जोड़ी, घांघू, कोटवादताल, पुनसीसर, धोधलिया, पीथीसर, सातड़ा, बूटियां, खण्डवा के स्काउट गाइड को भी प्रशिक्षण दिया गया।