ईशनिंदा मामले में यति नरसिंहानंद के खिलाफ ज्ञापन सौंपा

जमीयत उलमा-ए-हिन्द ने राष्ट्रपति के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को किया ज्ञापन प्रेषित, घृणास्पद भाषण पर कार्रवाई की मांग

चूरू। जिला मुख्यालय पर जमीयत उलमा-ए-हिन्द की जिला इकाई ने यति नरसिंहानंद महाराज के खिलाफ राष्ट्रपति के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। मुफ्ती इरशाद कासमी और गोस मोहम्मद खान के नेतृत्व में सौंपें गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि यति नरसिंहानंद महाराज ने 29 सितंबर को गाज़ियाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में पैगम्बर हज़रत मोहम्मद साहब के बारे में घृणास्पद और अपमानजनक भाषण दिया। ज्ञापन में कहा गया कि यह भाषण न केवल मुस्लिम समुदाय के लिए अपमानजनक है, बल्कि इससे बहुसंख्यक समुदाय को भड़काने और हिंसा को बढ़ावा देने की क्षमता भी है। ज्ञापन के माध्यम से जमीयत उलमा-ए-हिन्द ने मांग की कि यति नरसिंहानंद महाराज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में कहा है कि इस तरह के घृणास्पद भाषण समाज में अस्थिरता पैदा कर सकते हैं और इसके परिणामस्वरूप सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो सकता है। जमीयत उलमा-ए-हिन्द ने मांग की कि सरकार को ऐसे बयानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि समाज में शांति और सामंजस्य बना रहे।जमीयत उलमा-ए-हिन्द ने कहा कि वे इस मामले को लेकर सरकार के समक्ष अपनी बात मजबूती से रखेंगी और आवश्यक कार्रवाई न होने पर आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
इस मौके पर मौलाना अब्दुल जबार, मोहम्मद अली पठान, इंसानियत एकता सेवा समिति के संस्थापक करामत खान,मुशताक खान, एडवोकेट जावेद खान, मुफ्ती अब्दुल वहाब, एडवोकेट आबिद बहलीम, अज़ीज़ खान पार्षद , खालिद पार्षद, आजम गौरी, आवेश कुरैशी, हाफिज अब्दुल सतार, मुफ्ती शफीक, जाकिर खान केके, कारी ताहिर, मौलाना शमीम, जमील नीलगर, जाफर खान, अखतर खान रुकन खानी, कारी शबीर, अब्दुल जबार, मकसूद खान, फारूक सिकरिया, मोहम्मद सलीम, मौलाना अब्दुल वाहिद सहित अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

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