कोतवाली थाना पुलिस ने मुंबई से किया बालक का सफल रेस्क्यू, मां की आंखों में खुशी के आंसू
चूरू। चूरू की कोतवाली थाना पुलिस ने 7 वर्षीय बालक के अपहरण मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए न केवल बालक को सकुशल बरामद किया, बल्कि अपहरण के आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने 7 वर्षीय शिवांशु को महाराष्ट्र के टिटवाला गांव, कल्याण क्षेत्र से दस्तयाब किया और आरोपी अखलाक इलियास अंसारी को हिरासत में ले लिया।जानकारी के अनुसार, आरोपी अखलाक इलियास अंसारी ने 7 वर्षीय शिवांशु की मां को ब्लैकमेल करने के उद्देश्य से अपहरण की वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बालक की सुरक्षा सुनिश्चित की और उसे उसके परिवार से मिलाने का काम किया।
जब बालक शिवांशु को उसकी मां के सुपुर्द किया गया, तो मां ने अपने बेटे को गले से लगा लिया। इस भावनात्मक क्षण में कंचन की आंखों में खुशी के आंसू थे। अपने बेटे को पाकर उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। कंचन ने पुलिस का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने बेटे को वापस पाने की आशा नहीं छोड़ी थी, और अब जब उनका बेटा लौट आया है, तो उनके जीवन में फिर से खुशियों की लहर दौड़ गई है।
कोतवाली थाने के सीआई मुकुट बिहारी ने बताया कि बिहार के जानीपुर निवासी 29 वर्षीय कंचन अपने बेटे के साथ चूरू के राममंदिर के पास किराए के मकान में रह रही हैं।कंचन ने कोतवाली थाने में एक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने बताया कि 3 अक्टूबर 2024 को उनके बेटे शिवांशु का अपहरण कर लिया गया। उनकी शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने जब मामले की तफ्तीश शुरू की, तो पता चला कि आरोपी का इरादा कंचन को ब्लैकमेल करना था।जांच में यह सामने आया कि झारखंड के गांव चीनो का निवासी 29 वर्षीय अखलाक इलियास अंसारी उर्फ फिरोज ने शिवांशु का अपहरण किया था। पुलिस ने डीएसटी और साइबर सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन का पता लगाया। एएसआई जयवीर सिंह की अगुवाई में पुलिस की एक टीम मुंबई के लिए रवाना हुई, जहां पुलिस ने मुंबई के कल्याण थाना क्षेत्र के टिटवाला से 7 वर्षीय बालक शिवांशु को बरामद किया।पुलिस ने अपहरण के आरोपी अखलाक इलियास अंसारी को भी गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई को लेकर चूरू पुलिस की सराहना की जा रही है। लोग इस घटना को पुलिस की तत्परता और कुशलता का उदाहरण मान रहे हैं। चूरू पुलिस ने यह साबित किया है कि वे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने में सक्षम हैं और समाज में सुरक्षा की भावना बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।















