चूरू। उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने शुक्रवार को विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाके का दौरा किया तथा विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने लाखाउ से श्योदानपुरा गांव तक मिसिंग लिंक रोड़, श्योदानपुरा गांव के सामुदायिक भवन में एक कमरा, स्वास्थ्य केन्द्र की चारदीवारी, श्योदान पुरा से लाखाऊ तक कुंभाराम आर्य मार्ग का व पार्क की चारदीवारी आदि का लोकार्पण किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि सरकार अपने तीन साल पूर्ण होने का जश्न मनाने में व्यस्त है। सत्ता के मद में चूर सरकार को जनता का दुख दर्द नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल के कार्यकाल में प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने कोई विकास कार्य नहीं करवाया है, सरकार के पास मात्र 24 महीने का ही समय बचा है उसके लिए भी प्रदेश के विकास का कोई रोडमैप सरकार प्रस्तुत नहीं कर पा रही है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा के बारे में बोलते हुए राठौड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार की लापरवाही के चलते योजना का उचित लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। केन्द्र सरकार बीमा की राशि हर वर्ष राज्य सरकार को भिजवा रही है लेकिन प्रदेश के किसानों को फसली बीमा राशि का इंतजार अभी भी बरकरार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दलितों व महिलाओं के साथ आए दिन अत्याचार की घटनाए प्रकाश में आ रहीं है लेकिन प्रदेश सरकार ने अपनी आंखें मूंद रखी है। प्रदेश की कानून व्यवस्था भी सरकार की मंशा पर सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है।
इस दौरान उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने गांव में 11 लाख की लागत से खुर्रा निर्माण व जिला परिषद सदस्य सुनीता बेरवाल ने 7 लाख की लागत से खुर्रा निर्माण करने की घोषणा की। रामकरण फगेड़िया ने बताया कि प्रधान दीपचन्द राहड़ ने शमशान भूमि में 6 लाख का एक कमरा का कार्य व 11 लाख की लागत से कुए का सौंदर्यकरण करवाने की घोषणा की है।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व जिला प्रमुख हरलाल सहारण, प्रधान दीपचन्द राहड़, उप जिला प्रमुख महेन्द्र न्यौल, किशन बेरवाल रामसरा, करणी सिंह रायपुरिया, घांघू के पूर्व सरपंच जेपी शर्मा आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये।इस अवसर पर मोहन सिंह राठौड़, रामचन्द्र प्रजापत, महेश कुमार शर्मा, जगदीश प्रसाद कालेर, शिवदान सिंह कालेर, टोरु सिंह, शुभकरण कालेर, शीशपाल नेहरा व पंच साहेबलाल बडी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।












