ग्रामीण विकास योजनाओं की सभी स्वीकृतियां 15 सितम्बर तक जारी करें – राजेन्द्र राठौड़

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जयपुर। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने समस्त मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित सभी स्वीकृतियां 15 सितम्बर 2018 तक जारी कर कार्य शुरू कराये।
श्री राठौड़ सोमवार को यहां इन्दिरा गांधी पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान में प्रदेश के समस्त जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से प्रदेश में संचालित महात्मा गांधी नरेगा,सांसद व विधायक कोष, गुरू गोलवलकर जन भागीदारी योजना, स्मार्ट विलेज, स्वच्छ भारत अभियान, मुख्यमंत्री जल स्वालम्बन अभियान आदि योजनाओं की जिले वार समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को स्वीकृतिया होने के उपरान्त कार्य शुरू नही होने एवं शुरू होने के बाद कार्य पूर्ण नहीं होने पर गहरी नाराजगी जताते हुऎ निर्देश दिये कि अधुरे कार्यो को शीघ्र पूर्ण कराये इसमें कोताई नहीं हो। उन्होंने कहा कि मनरेगा में स्वीकृत कार्यो को पूर्ण कराने के साथ मजदूरों का भुगतान 15 दिन में कराने के साथ मजदूरों से रोजगार देने के लिए लिये जाने वाल कार्य के बाद रसीद दिये जाने के निर्देश दिये। श्री राठौड़ ने जिलों के जन प्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण कर जबाव प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिये।
पंचायती राज मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुऎ निर्देश दिये कि प्रदेश में इस वित्तीय वर्ष में 2 लाख 13 हजार 204 आवास बनाने का लक्ष्य है जिससे अब तक एक लाख 28 हजार आवासों की स्वीकृतियां जारी की गयी है शेष स्वीकृतियों को 31 जुलाई तक जारी कर प्रथम किस्त जारी करे। उन्होंने अधूरे आवासों का पूरा कराने के लिए वीट ऑफिसर नियुक्त करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा प्रदेश में 14 लाख 62 हजार 821 आवासों का चिन्हिकरण किया गया है जिनकी सूचना भारत सरकार को भेज दी गई। इन परिवारों की ‘‘आवास प्लस एप’’ पर 31 जुलाई तक आवास एप पर अपलोड करने के निर्देश दिये।
बैठक में बताया कि विकास योजनाओं पर अच्छा काम करने वाले मुख्य कार्यकारी अधिकारियों का राज्य स्तर पर सम्मानित किया जायेगा इससे अन्य अधिकारियों में भी उत्साह बढ़ेगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूर्ण हो चुके उन निर्माण कार्यो की सीसी का शीघ्र समायोजित कराने कि निर्देश दिये। उन्होंने मनरेगा में स्कूल की चार दीवारी, खेल मैदान, विकसित करने आंगनबाडी केन्द्रों का निर्माण जैसे कार्यो को प्राथमिकता देने के निर्देश दिये। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के प्रमुख शासन सचिव राजेश्वर सिंह ने प्रदेश में 7 लाख से अधिक विकास कार्यो की स्वीकृतियां है उन्हें पूर्ण कराने मनरेगा में लोगों को ज्यादा रोजगार देने के साथ मजदूर क्षमता बढ़ाने एवं 15 दिन में मजदूरी का भुगतान करने के साथ सभी कार्यो का जीयो टेकिंग करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 80 लाख शौचालय बनाये गये, अब तक 66 लाख शौचालय का सिडिंग हो चुके शेष 9.63 लाख का शीघ्र सिडिंग कराने के निर्देश दिये।
पंचायती राज विभाग के शासन सचिव कुन्जीलाल मीना ने कहा कि प्रदेश की ग्राम पंचायतों में 2500 करोड़ रूपये एएफसीटीएफसी योजना में शेष पड़ा है उसकी सभी स्वीकृतिया 15 दिन में जारी कर राशि को खर्च कर ग्रमीणों को लाभ देवे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे एक सप्ताह में दो दिन फिल्ड में जाकर योजनाओं की समीक्षा करे।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने योजनाओं का पावर पोईट प्रजेटेंशन प्रस्तुत कर वर्तमान प्रगति एवं प्रयासों की जानकारी दी। मनरेगा पत्रिका का विमोचनं ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ एवं प्रमुख शासन सचिव राजेश्वर सिंह पंचायती राज विभाग के शासन सचिव कुन्जीलाल मीना व अधिकारियों ने महात्मा गांधी नरेगा योजना में पंचफल उद्यान, चारागाह विकास एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम के लिए प्रकाशित पत्रिका का विमोचन किया जिसमें योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने की जानकारी दी गयी है।

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