तीसरे चरण में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
शिविरा पंचांग सत्र 2026-27 में विद्यालयों के ग्रीष्मावकाश एवं संस्था प्रधान के अधिकृत दो अवकाशों में की गई कटौती के विरोध में राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) का आंदोलन अब तेज हो गया है। आंदोलन के तीसरे चरण के तहत सोमवार दोपहर जिला स्तर पर शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा। संघ के मुख्य महामंत्री उम्मेद सिंह डूडी ने बताया कि विभाग द्वारा अवकाशों में की गई कटौती शिक्षकों के हितों के विपरीत है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी है। प्रथम चरण में शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया, जबकि द्वितीय चरण में उपखंड मुख्यालयों पर उपखंड अधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किए गए। डूडी ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा मंत्री द्वारा जल्द ही इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र करते हुए राज्य स्तर पर शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में विशाल रैली व प्रदर्शन किया जाएगा। सोमवार को सौंपे गए ज्ञापन के दौरान प्रदेश संगठन महामंत्री निरंजन शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष सुबेन्द्र बिजारणीया, महेंद्र पूनिया, महेश सैनी, जिलाध्यक्ष अशोक कुल्हरी, जिला मंत्री सुदेश यादव, कार्यवाहक अध्यक्ष प्रमेन्द्र काजला, सभाध्यक्ष वेदप्रकाश सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। इसके अलावा ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों में रतिराम धींवा, रामफल गुरावा, अमित बराला, मुकेश शर्मा, मनोज कुमार, राकेश कुल्हरी, चरण सिंह, विकास बुडानिया, विनोद चौधरी, दिनेश जांगिड़, नरेश सिंह, सहदेव यादव, जयपाल, ताराचंद सोनी, सरोज धायल, वंदना कंस्वा, लक्ष्मी तेतरवाल, मुन्नी देवी, लीलाधर चाहर, राम सिंह राहड़, राम सिंह कुल्हरी, शेरसिंह, सतवीर बराला, राजवीर डूडी, निलेश डूडी, संजीव कुल्हरी, संजीव कड़वासरा, अमर सिंह, राजपाल जानू सहित अनेक शिक्षक मौजूद रहे। शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।










