डॉ. मधुसूदन मालानी ने बढ़ाया मदद का हाथ, 2 लाख की सहायता से दिया सहारा
पिलानी । झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
झुंझुनूं जिले के पिलानी क्षेत्र के झेरली गांव में शनिवार रात हुए भीषण गौशाला अग्निकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गैस सिलेंडर ब्लास्ट से लगी आग ने कुछ ही पलों में विकराल रूप ले लिया, जिसमें 5 गायों की दर्दनाक मौत हो गई और पूरी गौशाला जलकर खाक हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक और मायूसी का माहौल पसरा हुआ है। जानकारी के अनुसार, गौशाला में अचानक आग भड़क उठी और लकड़ी की छत होने के कारण तेजी से फैलती चली गई। मौके पर मौजूद परिवार—दो महिलाएं और एक पुरुष—ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तभी सिलेंडर में जोरदार धमाका हो गया, जिससे हालात और बिगड़ गए। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण, गौरक्षक और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक गौशाला पूरी तरह तबाह हो चुकी थी।
संकट में सहारा बने डॉ. मालानी
इस दुखद घटना की खबर मिलते ही जनसेवक एवं भामाशाह डॉ. मधुसूदन मालानी तुरंत झेरली पहुंचे। उन्होंने पीड़ित गौशाला संचालक योगेश समदर्शी से मिलकर उनका हाल जाना और परिवार को ढांढस बंधाया। इस दौरान माहौल भावुक हो उठा और पीड़ित परिवार का दर्द छलक पड़ा। मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए डॉ. मालानी ने गौशाला के पुनर्निर्माण के लिए 2 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक भेंट किया। इस सहयोग से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली और उन्होंने भावुक होकर आभार व्यक्त किया। गांववासियों ने इस कठिन समय में आगे आकर मदद करने के लिए डॉ. मालानी की खुलकर सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे संकट के समय में मिला यह सहयोग पीड़ित परिवार के लिए बड़ी संबल है। हृदयविदारक हादसे के बाद झेरली गांव में शोक की लहर है, लेकिन राहत की बात यह है कि समाज और जनप्रतिनिधि एकजुट होकर पीड़ित परिवार की मदद में जुटे हैं—जो मानवता की मिसाल पेश करता है।










