ट्रैफिक पुलिस द्वारा दो गाड़ियों के चालान काटने से विवाद
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
कोर्ट परिसर में खड़ी वकीलों की दो गाड़ियों के ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान काटे जाने के बाद झुंझुनूं में विवाद गहरा गया है। इस घटना से नाराज अधिवक्ताओं ने जिला एवं सेशन न्यायालय यानि की डीजे कोर्ट का बहिष्कार शुरू कर दिया है। वकीलों ने स्पष्ट किया है कि होली अवकाश के बाद भी बहिष्कार जारी रहेगा। अधिवक्ता प्रदीप शर्मा ने बताया कि गुरूवार को ट्रैफिक इंचार्ज राधेश्याम सांखला कोर्ट परिसर पहुंचे और पीछे खड़ी दो गाड़ियों के चालान काट दिए। दोनों गाड़ी वकीलों की थी। जिनमें एक गाड़ी प्रदीप शर्मा की ही थी। प्रदीप शर्मा जब इस कार्रवाई के बाद मौके पर पहुंचे तो ट्रैफिक इंचार्ज ने कहा कि यह कार्रवाई डीजे के निर्देश पर की गई है। इस बयान के बाद अधिवक्ताओं में रोष फैल गया। वकील जिला अभिभाषक संस्था झुंझुनूं के अध्यक्ष रतन मोरवाल के पास पहुंचे और आपात बैठक बुलाई गई।
इसके पश्चात अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल सीजेएम कालूराम से मिला और विरोध दर्ज कराया। जिला अभिभाषक संस्था की साधारण सभा की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक जिला न्यायाधीश का अन्यत्र स्थानांतरण नहीं होता। तब तक अधिवक्ता डीजे कोर्ट में स्वैच्छिक रूप से उपस्थिति नहीं देंगे। बार अध्यक्ष रतन मोरवाल ने कहा कि कोर्ट परिसर अधिवक्ताओं के लिए घर जैसा है और यहां वाहनों का खड़ा होना सामान्य बात है। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई को बेतुकी बताया। वहीं ट्रैफिक इंचार्ज राधेश्याम सांखला ने स्पष्ट किया कि डीजे के निर्देशानुसार कोर्ट परिसर को वाहन मुक्त रखने के लिए कार्रवाई की गई। मामले को लेकर अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने डीजे कोर्ट का बहिष्कार रखा। पूर्व अध्यक्ष सुभाष पूनियां ने कहा कि डीजे का तबादला ना होने तक सिर्फ डीजे कोर्ट का बहिष्कार जारी रहेगा।
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