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झुंझुनूं पुलिस का स्पेशल क्रिमिनल्स डिस्टेंस ड्राइव का तगड़ा असर

चार दिनों में वांटेड हिस्ट्रीशीटर मदिया को छोड़ा 1000 लोगों ने, फरारी काट रहे मदिया जैसे बदमाशों से नहीं रहेगी अब ‘सोशल यारी’

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
सोशल मीडिया पर बदमाशों को फॉलो करने के बाद उनकी रील्स पर लाइक और कमेंट करके अपना रोल अदा करने वाले लोगों के खिलाफ झुंझुनूं पुलिस ने स्पेशल क्रिमिनल्स डिस्टेंस ड्राइव शुरू कर रखा है। जिसका खासा असर दिख रहा है। गिरफ्तारी सहित अन्य कार्रवाई के डर से ही सही, लेकिन बड़ी संख्या में लोग बदमाशों के सोशल मीडिया अकाउंट्स को गुड बॉय बोल रहे है। अकेले झुंझुनूं पुलिस के वांटेड और हिस्ट्रीशीटर मंदीप उर्फ मदिया के इंस्टाग्राम अकाउंट को पिछले चार दिनों में एक हजार के करीब लोगों ने गुड बॉय बोल दिया है। बदमाशों के गाड़ियों का काफिला, कोर्ट में पेशी पर आने वाले बदमाश, फिल्मी स्टाइल में गाड़ियों से धूल उड़ाने जैसी रील्स देखकर काफी युवा हिस्ट्रीशीटर, गैंगेस्टर, हार्डकोर अपराधियों की दिखावटी लाइफ स्टाइल को देकर आकर्षित हो रहे है। साथ ही बदमाशों के सोशल मीडिया अकाउंट को फॉलो करके इन रील्स को लाइक के साथ—साथ कमेंट कर बदमाशों के अपराधों को भी बढावा दे रहे है। जिसके खिलाफ झुंझुनूं पुलिस ने एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय के नेतृत्व में स्पेशल क्रिमिनल्स डिस्टेंस ड्राइव, यानि कि बदमाशों से दूरी बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है। एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि खुद को बड़े बदमाश कहने वाले और सोशल मीडिया पर रील्स डालकर अपने दिखावटी पॉवर को दिखाने वाले बदमाशों के खिलाफ अभियान शुरू कर किया है। क्योंकि पुलिस का मानना है कि सोशल मीडिया पर फॉलोवर्स से मिलने वाले लाइक और कमेंट से बदमाशों को ताकत मिलती है। इसलिए झुंझुनूं पुलिस ने अभियान शुरू किया है। जिसका सकारात्मक असर देखने को मिल रही है। झुंझुनूं पुलिस जल्द ही इन बदमाशों को सोशल मीडिया से गायब कर देगी। ताकि सोशल मीडिया युवाओं को ऐसे अनसोशियल लोगों की झूठी और दिखावटी लाइफ स्टाइल प्रभावित ना कर सके।

सोशल मीडिया पर सपोर्ट करने वालों दर्ज होंगे मुकदमे भी

एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई के बाद झुंझुनूं में सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। बिसाऊ थाने का हिस्ट्रीशीटर और वांटेड बदमाश मंदीप उर्फ मदिया के भी 1000 से ज्यादा फॉलोवर्स महज चार दिनों में कम हो गए है। साथ ही लाइक और कमेंट एकदम स्टॉप हो गए है। यही नहीं दूसरे बदमाशों के सोशल मीडिया अकाउंट्स में भी ऐसी ही हालत हो रही है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए बदमाशों को सपोर्ट करने वाले लोगों की पहचान भी की जा रही है। जिनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने के अलावा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने झुंझुनूं के युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी बदमाश और गैंग के सोशल मीडिया अकाउंट में दिलचस्पी ना दिखाएं। क्योंकि बदमाश सिर्फ आपको अपराध की तरफ ले जाएंगे। जिससे आपकी जिंदगी खराब हो जाएगी। झुंझुनूं जिस आन, बान और शान के लिए पहचाना जाता है। उसे बनाए रखने के लिए बदमाशों और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स से दूर रहने की जरूरत है।

कांस्टेबल से लेकर एसएचओ तक, सबकी नजर सोशल मीडिया अकाउंट्स पर

आपको बता दें कि झुंझुनूं पुलिस ने ना केवल जिला मुख्यालय पर, बल्कि हर थाने में सोशल मीडिया के जानकार पुलिसकर्मियों को मॉनेटरिंग के लिए लगा रखा है। एसपी की माने तो झुंझुनूं पुलिस के हर एक कांस्टेबल से लेकर एसएचओ तक को निर्देशित किया गया है कि वे बदमाशों और उनकी गैंग के बने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नजर रखे और अपनी अपनी बीट के लोगों को पहले समझाइश करे और पाबंद करे। कई नाबालिग भी बदमाशों के अकाउंट्स में दिलचस्पी दिखा रहे है। जिनकी काउंसलिंग करके परिजनों को सूचना दें। ताकि अपराध के दलदल में फंसकर बच्चों या फिर युवाओं का जीवन खराब ना हो।

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