स्मार्ट मीटर, फसल बीमा, चुनावों में देरी और जनविरोधी नीतियों को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा, पायल सैनी और रफीक मंडेलिया ने लगाए गंभीर आरोप
चूरू। जिला मुख्यालय स्थित मंडेलिया हाउस में शहर एवं देहात ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों की संयुक्त मासिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के मुख्य अतिथि राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष रफीक मंडेलिया और विशिष्ट अतिथि चूरू विधानसभा प्रभारी भीमराज जाखड़ रहे। बैठक की अध्यक्षता असलम खोखर और किशोर धांधू ने की।बैठक में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर जनता के हितों की अनदेखी करने, तानाशाही रवैया अपनाने और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी, धर्म-जाति के नाम पर समाज में विभाजन, एवं विपक्षी नेताओं पर फर्जी मुकदमे दर्ज करवाने जैसे गंभीर आरोप लगाए।प्रदेश उपाध्यक्ष रफीक मंडेलिया ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भाजपा निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से सही-सलामत मीटरों की जगह स्मार्ट मीटर लगाकर उपभोक्ताओं से 5 से 10 गुना अधिक वसूली कर रही है। उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना में 2018 से अब तक केवल 30% राशि ही किसानों को मिली है, जबकि 70% राशि अभी भी बकाया है।निवर्तमान सभापति पायल सैनी ने भी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची पुनरीक्षण में सक्रियता दिखाने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं के नाम जुड़वाने और फर्जी नाम हटवाने पर जोर दिया।भीमराज जाखड़ ने भाजपा सरकार पर बेरोजगारी, महंगाई और महिला उत्पीड़न को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कार्यकर्ताओं से आगामी चुनावों के लिए तैयार रहने की अपील की।वहीं कांग्रेस नेता हेमंत सिहाग ने कहा कि कांग्रेस की गलत नीतियों के बावजूद भाजपा अपने मंसूबों में कभी सफल नहीं हो पाएगी।कार्यक्रम के अंत में शिवू सोरेन और सतपाल मलिक के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
बैठक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। पार्टी ने आगामी चुनावों की तैयारी और संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया, वहीं भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों को लेकर एकजुटता भी प्रदर्शित की। पीसीसी सचिव रियाजत खां, पूर्व सभापति गोविन्द महनसरिया, निवर्तमान सभापति पायल सैनी, पंचायत समिति प्रतिपक्ष नेता धर्मेन्द्र बुडानिया, शहर ब्लॉक अध्यक्ष असलम खोखर, देहात ब्लॉक अध्यक्ष किषोर धान्धू, किसान नेता आदूराम न्यौल, रमजान खान, रामेष्वर प्रजापति, शेर खां मलखाण, हेमन्त सिहाग, अबरार खां, विकास बुडानिया, एडवोकेट सद्दाम हुसैन, लालचंद सैनी, सुखाराम घिंटाला, सोहनलाल मेघवाल आदि भी बैठक में अपने विचार व्यक्त कियें।इस संजय भाटी, रामेष्वर प्रसाद नायक, असलम खां अखाण, श्रवण बसेर, आरिफ रिसालदार, आबिद जाबासरिया, किषनाराम बाबल, बाबू मंत्री, जंगषेर खां, योगेष ढाका, अली मो. भाटी, प्यारेलाल दानोदिया, बुन्दु लुहार, युनस खां, जाफर खां जोईया, दुर्गाराम मेघवाल, सलीम खां, राधेष्याम मेघवाल, भादरराम मेघवाल, जितेन्द्र सिंह, सुषील मेघवाल, अजय दाधीच, आमीन खां, पूर्णाराम धानक, रामचन्द्र कस्वां, राजेष सुणिया, धर्मपाल सुणिया, लक्ष्मीनारायण चन्देल, पूर्णाराम धानक, राजेष मेेघवाल, डूंगरसिंह राठौड, अजीज खान, नवाब खां हवलदार, सबीर खां, अयूब सहजुसर, काषीराम सांसी, संदीप कुमार, राकेष, चैनाराम, बजरंगलाल, हजारीलाल, राजेष कुमार, पंकज, सुरेन्द्र मेघवाल, मुमताज राणासर, विजय कृष्ण जालान, निरज शर्मा, मोहम्मद अब्बास, षिषपाल ढाढर, सबीर खां, शकुर शेख, महबूब ईलाही, प्रताप माहिच, शंकरलाल चंदेलिया, विजय कुमार चांवरिया, भूरामल भाटिया, सुषील स्वामी, ताजु खां, सलीम गौरी, ओमप्रकाष गोदारा, याकुब, रामचन्द्र सुण्डा, अनीस खां, श्रीचंद न्यौल, अजु लुहार, लालचंद सैनी, सुरेष गहलोत, सिराज खां, इमरान मलणस, आसिफ निर्माण, सुरेन्द्र शर्मा, जगनाराम, आषू, पवन पिथिसर, गिरधारीलाल, इस्लाम खां, बजरंग बजाड, विक्रम भाट, इस्माईल भाटी, निरंजन शर्मा, विकास कडवासरा, मुस्ताक पिथिसर, समीउल्लाह, असलम खां मोयल, खालिद कुरेषी, तारिक नागौरी, पूर्णमल रतननगर, असलम खां, जगनाराम, पवन कुमार, आसीफ, शाहरूख खान, आदील, आबिद खान मोयल, बालकृष्ण स्वामी, जाकीर खान सहित सैकडो कांग्रेस कार्यकर्ता मौजुद रहें