मनरेगा कार्य पुनः शुरू करने, स्मार्ट मीटर विरोध और जनसरोकारों पर संघर्ष तेज करने का लिया संकल्प
हनुमानगढ़। हिमांशु मिढ्ढा
अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन का जिला सम्मेलन श्री वाल्मीकि धर्मशाला, हनुमानगढ़ जंक्शन में संपन्न हुआ। सम्मेलन में जिलेभर से सैकड़ों मजदूर कार्यकर्ता शामिल हुए। सम्मेलन की शुरुआत जिला अध्यक्ष मनीराम मेघवाल द्वारा झंडारोहण कर की गई, जिसके बाद जिला सचिव प्रहलाद बहलोलनगर ने संगठन की तीन वर्षों की रिपोर्ट और लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।सम्मेलन का उद्घाटन भाषण देते हुए प्रदेश अध्यक्ष रामरतन बगड़िया ने कहा कि वर्तमान में मनरेगा योजना को सरकारें लगभग बंद करने की ओर बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मनरेगा का कार्य पूरी तरह बंद है, बजट में भारी कटौती की गई है और काम के दौरान मिलने वाली सुविधाएं जैसे दवाई, पानी, छांव, झूला आदि भी हटा दी गई हैं। सरकार की नीतियों से यह स्पष्ट हो गया है कि मजदूरों की कोई चिंता नहीं है, जबकि बड़े-बड़े कॉर्पाेरेट घरानों को लाभ पहुंचाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूनियन पूरे राजस्थान में इस मुद्दे पर आंदोलनरत है और जब तक मनरेगा शुरू नहीं किया जाएगा, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। साथ ही शहरी नरेगा को भी मजबूत किए जाने की मांग की गई।मुख्य वक्ता के रूप में कामरेड रामेश्वर वर्मा ने केंद्र व राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि आम जनता से रोजगार छीना जा रहा है, महंगाई बढ़ती जा रही है, और अब बिजली के निजीकरण के नाम पर स्मार्ट मीटर जैसी योजनाएं लाकर आम लोगों की जेब पर डाका डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना उन कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए लाई गई है जिन्होंने भाजपा सरकार को चुनावी चंदा दिया है। उन्होंने आवाहन किया कि गांव-शहर हर जगह स्मार्ट मीटर का व्यापक विरोध किया जाए।सम्मेलन का समापन भाषण प्रदेश सचिव कामरेड दुर्गा स्वामी ने दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें महिलाओं, दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ते उत्पीड़न पर चुप हैं। धार्मिक भावनाओं को भड़काकर आम जनता की मूल समस्याओं से ध्यान हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा पिछले चार महीने से ठप है, लेकिन सरकार इस पर कोई जवाब नहीं दे रही। बेरोजगारी चरम पर है, प्रधानमंत्री आवास योजना में भारी शर्तों के चलते जरूरतमंद लोग वंचित रह जा रहे हैं और खाद्य सुरक्षा योजना से भी नाम हटाए जा रहे हैं। यह सब आम जनता के साथ अन्याय है।सम्मेलन में नई जिला कमेटी का भी गठन किया गया। जिसमें जगजीत सिंह जग्गी को जिला अध्यक्ष, मनीराम मेघवाल, सुभाष चावला, पुष्पा शाक्य, पोखराम नायक और अमरजीत सिंह को उपाध्यक्ष, प्रहलाद बहलोलनगर को जिला सचिव और रघुवीर वर्मा, रामचंद्र आदराम, मीरा चंदेश्वर को संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया। इसके अलावा कमेटी सदस्य के रूप में कृपाराम सीहमार, बनवारीलाल, रणजीत चालिया, मेवाराम कालवा, रामचंद्र, जसवीर सिंह, कालूराम, मुख्तियार सिंह, दर्शन सिंह, गुरतेज सिंह और सरजीत सिंह को शामिल किया गया। सम्मेलन को बधाई संदेश देने वालों में मजदूर नेता शेर सिंह शाक्य, युवा नेता देवीलाल मेघवाल, महिला समिति नेत्री चंद्रकला वर्मा, लेखक संघ के बीस पेंटर, वेद मक्कासर और किसान नेता राकेश फगोरिया शामिल रहे।