ग्राम खारिया में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण का आरोप, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

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30 बीघा ‘गैर मुमकिन बानी’ भूमि बचाने की मांग, सीमांकन व कार्रवाई की उठाई मांग

चूरू। जिले के ग्राम खारिया में सार्वजनिक चारागाह भूमि पर अवैध अतिक्रमण का मामला सामने आया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को आवेदन भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।ग्रामीणों के अनुसार करीब 30 बीघा भूमि राजस्व अभिलेखों में ‘गैर मुमकिन बानी’ (चारागाह) के रूप में दर्ज है, जो वर्षों से गांव के पशुपालकों के लिए जीवनरेखा बनी हुई है। यहां मवेशियों को चराने के साथ प्राकृतिक आवास भी उपलब्ध होता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, क्योंकि बरसात के मौसम में यहां घास, झाड़ियां व औषधीय वनस्पतियां उगती हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोग इस जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही भूमि के लिए अवैध रूप से एनओसी प्राप्त करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, जिसे ग्रामीणों ने गैरकानूनी बताया है।आवेदन में बताया गया कि Rajasthan Land Revenue Act 1956 और Rajasthan Panchayati Raj Act 1994 के तहत चारागाह भूमि पर निजी कब्जा प्रतिबंधित है। साथ ही सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण भारतीय दंड संहिता के तहत दंडनीय अपराध है।ग्रामीणों ने प्रशासन से खसरा संख्या 362/187 सहित अन्य सार्वजनिक भूमि का तत्काल सीमांकन कराने, भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए फेंसिंग या पक्की सीमा निर्धारण कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।इस दौरान शंकरलाल, हिराराम, डूंगरमल, ओम सिंह खारिया, महेन्द्र सिंह, संजय, सुरेन्द्र, रामेश्वर, दीपेन्द्र सिंह, जवानी सिंह, रविन्द्र सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।

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