“काबों की नगरी में आस्था का महासागर” — करणी माता दरबार में गूंजा श्रद्धा का स्वर
बीकानेर/देशनोक।
राजस्थान के बीकानेर जिले के देशनोक कस्बे में स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री करणी माता मंदिर एक बार फिर आस्था और श्रद्धा के अद्भुत संगम का साक्षी बना। यहां आज झुंझुनूं से भाजपा नेता महेश बसावतिया ने विधिवत पूजा-अर्चना कर मां करणी के दरबार में हाजिरी लगाई और देश-प्रदेश की खुशहाली के साथ विश्व बंधुत्व की कामना की। “25 हजार काबों के बीच आस्था का अद्भुत संसार” – मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां मौजूद हजारों चूहे हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में “काबा” कहा जाता है। लगभग 25 हजार से अधिक काबों से भरे इस मंदिर में हर कदम पर श्रद्धालुओं को ये जीव नजर आते हैं, जो यहां आस्था और विश्वास के जीवंत प्रतीक बन चुके हैं।हैरानी की बात यह है कि ये काबा किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि श्रद्धालु इनके बीच निडर होकर दर्शन करते हैं।
“सफेद काबा—भाग्य का संकेत, देवी का आशीर्वाद”
मंदिर में यदि किसी श्रद्धालु को सफेद चूहा (काबा) दिखाई दे जाए, तो इसे अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि यह स्वयं मां करणी का प्रतीक है और इसके दर्शन मात्र से जीवन की बाधाएं दूर होकर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
“बसावतिया ने मांगा विश्व कल्याण का आशीर्वाद”
दर्शन के उपरांत महेश बसावतिया ने कहा कि करणी माता का यह धाम न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश की आस्था का केंद्र है। उन्होंने मां से प्रार्थना करते हुए कहा कि सभी के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहे तथा समाज में विश्वबंधुत्व और सौहार्द की भावना मजबूत हो।

















