उर्वरक विक्रेताओं को दिए गए प्रमाण पत्र, विशेषज्ञों ने दी वैज्ञानिक जानकारी
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
आबूसर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में खुदरा उर्वरक विक्रेताओं के लिए आयोजित 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि जिला जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु सिंह रहे। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को कृषक हित में कार्य करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन से ना केवल उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। बल्कि लागत में भी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने उर्वरकों के वैज्ञानिक एवं संतुलित उपयोग को समय की आवश्यकता बताया। केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. दयानंद ने बताया कि भारत सरकार की मंशा के अनुरूप कृषि आदान विक्रेताओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उर्वरक विक्रेताओं को उत्पादों की सही जानकारी होने से वे किसानों को बेहतर मार्गदर्शन दे सकते हैं। जिससे उत्पादन में वृद्धि और लागत में कमी संभव है। 13 मार्च से प्रारंभ हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग, मिट्टी परीक्षण, फसल पोषण तथा संबंधित सरकारी नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। डॉ. दयानंद ने बताया कि यह केवीके का 15वां बैच है। जबकि इससे पूर्व 14 बैच सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं। इन प्रशिक्षणों में जिले के युवाओं, बेरोजगारों, उद्यमियों तथा सहकारी समितियों के कार्मिकों को प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद प्रतिभागी अब उर्वरक लाइसेंस के लिए आवेदन करने के पात्र हो गए हैं। जिससे उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और जिले के किसानों को प्रशिक्षित व जागरूक विक्रेता उपलब्ध हो सकेंगे। कार्यक्रम का संचालन कीट विशेषज्ञ राजेंद्र नागर ने किया। इस अवसर पर केंद्र के देवी सिंह सैनी, रमन मीणा, देवीलाल सहित अन्य उपस्थित रहे।
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