राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल में डिफेंस पब्लिक स्कूल के तीन टॉपर्स का परचम

0
4

38वीं, 68वीं और 110वीं रैंक हासिल कर बढ़ाया झुंझुनूं का मान, सम्मान समारोह में गूंजा गर्व का स्वर

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
शहर के प्रतिष्ठित डिफेंस पब्लिक स्कूल झुंझुनूं के तीन मेधावी छात्रों ने देश की अत्यंत प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल में चयन प्राप्त कर विद्यालय और जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर दिया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से विद्यालय परिवार में उत्साह और गर्व की लहर दौड़ गई। इस गौरवपूर्ण अवसर पर विद्यालय प्रांगण में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिसमें चयनित छात्रों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह का वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट और गर्व से भरे चेहरों से सराबोर रहा। चयनित छात्रों में रौनक ने राष्ट्रीय स्तर पर 38वीं रैंक प्राप्त कर विद्यालय के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ा। आर्य कृष्ण पाठक ने 68वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। जबकि जतिन मान ने 110वीं रैंक प्राप्त कर इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता अर्जित की। तीनों छात्रों की उपलब्धि ने यह सिद्ध कर दिया कि झुंझुनूं की प्रतिभा देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने में सक्षम है। संस्थान निदेशक निर्मल कालेर ने कहा कि यह उपलब्धि केवल तीन छात्रों की नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार की सामूहिक मेहनत और समर्पण का परिणाम है। इस अवसर पर प्रिंस ग्रुप ऑफ स्कूल्स के चेयरमैन डॉ. जीएल कालेर ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल में चयन अत्यंत कठिन प्रक्रिया है। इन छात्रों ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह सफलता अर्जित कर अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनने का कार्य किया है। अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरूजनों के मार्गदर्शन और सतत प्रेरणा के बिना यह सफलता संभव नहीं थी। समारोह में एकेडमिक डायरेक्टर समीर शर्मा, प्रिंसिपल डॉ. अनिता पंत शर्मा, महेंद्र सैनी, अभिभावकगण एवं समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। यह उपलब्धि न केवल विद्यालय बल्कि पूरे झुंझुनूं जिले के लिए गौरव का विषय बन गई है।

अब डिजिटल हो गई है होली | Ravi Dadhich on Holi | पहले जैसी होली कब लौटेगी?

चूरू की होली: वो हुड़दंग, वो मोहल्ला और वो अपनापन – अब कहाँ? | Riazat Khan Exclusive Interview

होली को क्यों माना जाता है पुरुषों का त्यौहार? सुनील भाऊवाला ने बताई खास परंपरा

क्यों खास है चूरू की होली? ढप-चंग की परंपरा | Karanpura Holi | Bajrang Harshwal Interview

चूरू की पुरानी होली v/s आज की होली | Girish Bhavnani ने खोली यादों की पोटली । Interview

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here