फागण कार्यक्रम में लोक कलाकारों ने दी प्रस्तुतियां

0
7

गुढ़ागौड़जी । झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
स्थानीय कला एवं संस्कृति की लोक कलाकारों ने कीरपुरा कश्यप नगर में शानदार प्रदर्शन किया।राजस्थान कला संस्कृति एवं पर्यटन विभाग तथा सरस्वती रूरल एंड अरबन डवलपमेंट सोसाइटी झुंझुनूं द्वारा आयोजित फागण कार्यक्रम में कालबेलिया, ढप्प चंग धमाल, स्वांग, लोक नृत्य इत्यादि प्रस्तुत किए गए। नव सृजित ग्राम पंचायत कीरपुरा में आयोजित कार्यक्रम में लोक कलाकार रामचन्द्र खटाना, गोरखाराम उर्फ जगदीश जिनड़, दयाराम अजाड़ीवाला, बिजेंद्र गुर्जर, लक्ष्मीनारायण खटाना, अमीचंद खटाणा, मुनेश योगी, प्रताप जिनड़, विद्याधर आलड़िया, बजरंग जिनड़, ओंकार चौहान, शीशराम छाबड़ी, रामावतार जांगिड़ खरबासो की ढाणी, सुभाष शर्मा रामपुरा, भोलू कीर, बजरंग मीणा व रामनाथ खरबासा की ढाणी सहित दर्जनों लोक कलाकारों में स्थानीय संस्कृति पर कार्यक्रम प्रस्तुत कर लुप्त हो रही लोक कलाओं से दर्शकों का मनोरंजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ उदयपुरवाटी विधायक भगवानाराम सैनी ने किया। श्रीहरि कालू जी महाराज एवं शनिदेव मंदिर प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में केड के पूर्व सरपंच प्रभुदयाल मेघवाल, सुमेर कटारिया, बजरंगलाल जाखड़, एमडीआरएस ग्रुप पंजी का बास, काशीराम कश्यप ककराना, विनोद यादव श्रीकृष्ण नगर, भोलाराम जिलो, विनोद खरखड़ा, राजवीर खरखड़ा, मोहरसिंह आलड़िया, नरेश गुर्जर, विनोद छाबड़ी, गोपालसिंह कश्यप, महेंद्र कश्यप, मोहरसिंह ककराना, रणजीतसिंह कश्यप, चिंटू अजय कश्यप सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला पुरुष व बच्चे उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संस्था अध्यक्ष सुभाष कश्यप तथा धन्यवाद नरेश गुर्जर ने किया।

अब डिजिटल हो गई है होली | Ravi Dadhich on Holi | पहले जैसी होली कब लौटेगी?

चूरू की होली: वो हुड़दंग, वो मोहल्ला और वो अपनापन – अब कहाँ? | Riazat Khan Exclusive Interview

होली को क्यों माना जाता है पुरुषों का त्यौहार? सुनील भाऊवाला ने बताई खास परंपरा

क्यों खास है चूरू की होली? ढप-चंग की परंपरा | Karanpura Holi | Bajrang Harshwal Interview

चूरू की पुरानी होली v/s आज की होली | Girish Bhavnani ने खोली यादों की पोटली । Interview

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here