इस्कॉन झुंझुनूं द्वारा विशेष भगवद्गीता कक्षा का हुआ आयोजन

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‘जीवन का विज्ञान’ समझने उमड़े श्रद्धालु हरि भक्त

झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) द्वारा शुक्रवार को गांधी पार्क के पीछे स्थित श्री गंगाराम अतिथि भवन में विशेष भगवद्गीता कक्षा (फॉलो-अप सत्र) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। सरल हिंदी में आयोजित इन कक्षाओं का मुख्य उद्देश्य आधुनिक जीवन की जटिलताओं के बीच गीता की दिव्य शिक्षाओं के माध्यम से नई दिशा प्रदान करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हरी भक्ति दास (केमिकल इंजीनियर एवं लाइफ कोच, इस्कॉन) ने वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। उन्होंने उपस्थित हरि भक्तों को बताया कि भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक संपूर्ण नियमावली है। विदित है कि जय श्रील प्रभुपाद भगवान श्री कृष्ण की कृपा से हम सब के अपने श्री श्री राधा मदनगोपाल गौर हरि मंदिर (निर्माणाधीन) फौज का मौहल्ला झुंझुनूं में बनने जा रहा है के द्वारा इस प्रकार के आयोजन समय समय पर होते रहते हैं। ताकि समाज में नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों का पुनरुत्थान हो सके। सत्र के दौरान हरी भक्ति दास ने जीवन से जुड़े कई गूढ़ प्रश्नों का समाधान किया। जिनमें मुख्य रूप से भौतिक सुख क्षणिक हैं, जबकि वास्तविक आनंद आत्मा के परमात्मा से जुड़ाव में है। क्या भगवान का अस्तित्व प्रमाणित है? इसे तर्क और प्रमाणों के साथ समझाया गया। मैं कौन हूं? विषय पर चर्चा करते हुए शरीर और आत्मा के अंतर को स्पष्ट किया गया। अक्सर लोग पूछते हैं कि अच्छे लोगों के साथ बुरा क्यों होता है? वक्ता ने इसे कर्मों के सूक्ष्म विज्ञान के माध्यम से स्पष्ट किया। शाम को दो घंटे चले इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में युवाओं और भक्तों ने भाग लिया। उपस्थित जनसमूह ने इन शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन में उतारने का संकल्प लिया। इस्कॉन मंदिर झुंझुनूं के प्रबंधक नवीन कांति दास द्वारा कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए पधारे हुए सभी दानदाताओं एवं अतिथियों का स्वागत अभिनंदन किया गया। झुंझुनूं कार्यक्रम में पधारे परम पूजनीय मुख्य वक्ता हरी भक्ति दास का श्री श्याम आशीर्वाद सेवा संस्था की ओर से दुपट्टा ओढाकर राधा कृष्ण का प्रतीक चिह्न भेंटकर स्वागत अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर इस्कॉन मंदिर के हरि भक्त डॉ. नवीन कांति दास, सोमवीर प्रभु, परमेश्वर हलवाई, डॉ. डीएन तुलस्यान, देव प्रभु, जितेंद्र प्रभुजी, संतोष केजड़ीवाल, यशोदा हलवाई, सर्व माताजी माया, मंजू, पुष्पा, सुनिता, कृष्णा एवं प्राची माताजी सहित अन्य हरिभक्त बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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