पीसीपीएनडीटी डिकॉय मुखबिर योजना के पोस्टर का हुआ विमोचन

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झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पीसीपीएनडीटी डिकॉय मुखबिर योजना के नए पोस्टर का विमोचन किया। जिला समुचित प्राधिकारी डॉ. अरुण गर्ग ने इस अवसर पर चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुखबिर योजना के व्यापक प्रचार प्रसार कर भ्रूण लिंग परीक्षण में लिप्त लोगों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि प्रभारी सचिव नवीन जैन एवं जिला कलेक्टर डॉ. अरुण के निर्देश पर जिले में भ्रूण लिंग परीक्षण पर गंभीरता से निगरानी रखी जा रही है। सीएमएचओ डॉ. गुर्जर ने बताया कि योजना के बारे में विभिन्न माध्यमों से जागरूक किया जा रहा है। बुधवार को इसी कड़ी में विभाग के डीपीसी डॉ. महेश कड़वासरा द्वारा तैयार जागरूकता पोस्टर का विमोचन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. भंवरलाल सर्वा, डॉ. अरुण अग्रवाल, पीएमओ डॉ. जितेंद्र भांबू, डीपीसी डॉ. महेश कड़वासरा, पीसीपीएनडीटी सेल के दिनेश खेदड़ मौजूद रहे।

मुखबिर योजना की आमजन तक पहुंचाएं

जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने कहा कि पीसीपीएनडीटी डिकॉय की मुखबिर योजना की जानकारी समुदाय स्तर पर होनी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि हर अधिकारी और कर्मचारी को भी मुखबिर योजना की जानकारी होनी चाहिए। जब अधिकारियों और कर्मचारियों को खुद को योजना की पूरी जानकारी नहीं होगी तो पीसीपीएनडीटी डिकॉय ऑपरेशन कैसे सफल हो पाएंगे।

सूचना देने पर मिलते है तीन लाख रुपए

सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया भ्रूण लिंग परीक्षण की सही सूचना पीसीपीएनडीटी टीम को देकर डिकॉय सफल ऑपरेशन होने पर तीन लाख रुपए की ईनामी राशि सरकार द्वारा मुखबिर योजना के तहत प्रदान की जाती है। पीसीपीएनडीटी डिकॉय में मिलने वाली तीन लाख रुपए की ईनामी राशि तीन लोगों को दो किश्तों में मिलती हैं। जिसमें मुखबिर को भ्रूण लिंग परीक्षण की सही सूचना देने वाले को एक लाख रुपए, गर्भवती महिला को एक लाख पचास हजार रुपए और गर्भवती महिला के सहयोगी को पचास हजार रुपए दिए जाते हैं। पहली किश्त सूचना पर पीसीपीएनडीटी डिकॉय कार्यवाही होने पर प्रकरण दर्ज होते ही तत्काल जारी होती है। जिसमें मुखबिर को पचास हजार रुपए, गर्भवती महिला को पचास हजार रुपए और गर्भवती के सहयोगी को पच्चीस हजार मिल जाते है। दूसरी किश्त न्यायालय में अभियोजन के पक्ष में बयान देने पर मुखबिर को पचास हजार रुपए, गर्भवती महिला को एक लाख रुपए और गर्भवती महिला के सहयोगी को पच्चीस हजार रुपए की राशि प्रदान कर दी जाती है।

इस नंबर पर वाट्सएप के जरिए दे सूचना

सीएमएचओ डॉ. गुर्जर ने बताया कि जिलेवासियों को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनकर गर्भस्थ भ्रूण लिंग परीक्षण के अपराध को रोकने के लिए मुखबिर बनकर सूचना हमारे वाट्सएप नम्बर 9799997795 पर दे सूचना देने वाले की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। इसके साथ ही लिंग परीक्षण की सूचना pcpndt.bureau@gmail.com पर भी दी जा सकती हैं।

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