निजी बसों पर कार्रवाई के विरोध में बस यूनियन का ज्ञापन, 23 फरवरी से आंदोलन की चेतावनी

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अनावश्यक जब्ती रोकने, बॉडी कोड लागू करने की समयसीमा बढ़ाने सहित कई मांगें रखीं

चूरू। शहर में आपणी योजना स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय और जिला परिवहन विभाग में निजी बस यूनियन के अध्यक्ष रणवीर सिंह कस्वां के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने परिवहन विभाग की कथित दमनकारी और अनैतिक कार्रवाईयों के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर एवं जिला परिवहन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।रणवीर सिंह कस्वां ने बताया कि प्रदेशभर के स्टेज कैरिज एवं कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस ऑपरेटरों की ओर से मांग की गई है कि निजी बसों की अनावश्यक जब्ती पर तत्काल रोक लगाई जाए। यदि कोई वाहन नियम विरुद्ध संचालित पाया जाता है तो नियमानुसार चालान कर उसे रवाना किया जाए, क्योंकि जबरन जब्ती से पर्यटकों को असुविधा होती है और राज्य की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों द्वारा मनमाने तरीके से जुर्माना वसूला जा रहा है, जबकि मोटर वाहन अधिनियम के नियम 130 व 140 के तहत दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए 15 दिन का प्रावधान है।यूनियन ने मांग की कि केन्द्र सरकार का बॉडी कोड मार्च 2026 के बाद निर्मित बसों पर ही लागू किया जाए। साथ ही स्टेज कैरिज बसों से लगेज कैरियर नहीं हटाने, फिटनेस सेंटर पूरी तरह स्थापित होने तक परिवहन कार्यालयों में फिटनेस जांच जारी रखने और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था देने की भी मांग की गई।यूनियन ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो 23 फरवरी 2026 से बस ऑपरेटर आंदोलन शुरू करेंगे और सभी बसें परिवहन कार्यालय पर खड़ी कर दी जाएंगी। इस दौरान मुकेश जांगिड़, श्रवण कुमार, बाबूलाल, मनीष, स्वरूप सिंह, नरेन्द्र सिंह व शीशराम बेनीवाल सहित अन्य मौजूद रहे।

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