मंत्रोच्चार से गुंजायमान हुआ एसीआई परिसर
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
स्थानीय एसीआई शिक्षण संस्थान में बसंत पंचमी के पर्व का आयोजन संस्था निदेशक मनोज शर्मा व विकास शर्मा की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का आगाज सरस्वती वंदना के साथ किया गया। संस्था निदेशक विकास शर्मा ने बताया कि ये ज्ञान की देवी मां सरस्वती के प्राकट्य का दिवस भी है। हिंदू मान्यता के अनुसार बसंत पंचमी के दिन ही भगवान ब्रह्मा ने मां सरस्वती की रचना की थी। प्रचलित एक पौराणिक कथा के अनुसार बसंत पंचमी के दिन भगवान ब्रह्मा जी ने एक ऐसी देवी की संरचना की जिनके चार हाथ थे एक हाथ में वीणा, दूसरे हाथ में पुस्तक, तीसरे हाथ में माला और चौथा हाथ वर मुद्रा में था। ब्रह्मा जी ने मां सरस्वती जी को वीणा बजाने के लिए कहा जिसके बाद संसार की सभी चीजो में स्वर आ गया इसी कारण उन्हें स्वर की देवी कहा जाता है। निदेशक मनोज शर्मा ने कहा कि यह दिन ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है। इस दिन को विद्या आरंभ के नाम से भी जाना जाता है। जो शिक्षा की शुरूआत के लिए शुभ माना जाता है। इस कार्यक्रम में निषिका कक्षा यूकेजी ने मां शारदा का रूप धारण किया। साथ ही कक्षा पांच व कक्षा छह की छात्राओं ने मां सरस्वती के समक्ष नृत्य प्रस्तुत कर विद्या आरंभ की कामना की और छात्रा अलसाना द्वारा प्रस्तुत गायन स्वर की देवी मां शारदा…. से उपस्थित जन समूहों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर विजय सैनी, सुनिल कुमार, दिनेश वर्मा, अशोक जांगिड़, राधेश्याम शर्मा, धर्मेंद्र नागर, दिव्या रोहिला, महेंद्रसिंह, दिनेश आचार्य, दिवेंक शर्मा, राकेश, कविता राठौड़, नरेश कुमार, आशा शर्मा, प्रियंका शर्मा, सरोज, निशा शर्मा, सुमन चौहान, वैशाली, ऋतिका बहुगुणा, पूनम शर्मा, बिलाल अली, हेमंत जांगिड़, शिवकुमार पालीवाल, रमेश मील व यश शर्मा उपस्थित थें।
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