मनरेगा को कमजोर करने के आरोप, मजदूरी बढ़ाने व अल्पाहार व्यवस्था की उठी मांग
चूरू। चूरू विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिरसला एवं लोसना में शुक्रवार को मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्यस्थलों पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के सचिव मुस्ताक खान पहुंचे और श्रमिकों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने सरकार पर मनरेगा कानून में संशोधन कर योजना को कमजोर करने तथा धीरे-धीरे बंद करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।पीसीसी सचिव मुस्ताक खान ने शाम करीब 4 बजे कहा कि मनरेगा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए जीवन रेखा है और इसे समाप्त करने का कोई भी प्रयास कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने मनरेगा श्रमिकों के मानदेय को बढ़ाकर 400 रुपये से अधिक किए जाने की मांग की। साथ ही कार्यस्थलों पर श्रमिकों के लिए अल्पाहार व्यवस्था शुरू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में वर्तमान मजदूरी दरें नाकाफी हैं।इस अवसर पर पूर्व कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रामनिवास सारण ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा श्रमिकों की उपस्थिति को पूरी तरह डिजिटाइजेशन करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। नेटवर्क और तकनीकी समस्याओं के कारण मजदूरों को परेशान किया जा रहा है, जो अनुचित है।कार्यक्रम में निवर्तमान पंचायत समिति सदस्य पुरुषोत्तम बिजारणिया, पार्षद अंजनी शर्मा, यूथ कांग्रेस प्रदेश सचिव महेश ढोकिया, पंचायती राज तहसील अध्यक्ष सुरेश फोगावट, कांग्रेस नेता बनवारी भाकर, छात्र नेता फरमान खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं मनरेगा श्रमिक मौजूद रहे।इस दौरान नेताओं और श्रमिकों ने एकजुट होकर मनरेगा श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
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