स्वामी गोपालदास की प्रेरणा से हुए कालजयी काम : त्रिभुवन

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चूरू के महान समाज सुधारक स्वामी गोपालदास की पुण्य तिथि पर हुआ आयोजन, समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए मोहर सिंह राठौड़ (मरणोपरांत) को स्वामी गोपालदास पुरस्कार 2026

चूरू। चूरू में जन जागृति के जन्मदाता, महान् स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, सर्वहितकारिणी सभा एवं पुत्री पाठशाला व कबीर पाठशाला जैसे प्रकल्पों के संस्थापक स्वामी गोपालदास की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को कृतज्ञ समाज की ओर से उन्हें याद किया गया। इस दौरान स्वामी गोपालदास चौक में आयोजित कार्यक्रम में उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए पूर्व सांसद मोहर सिंह राठौड़ (मरणोपरांत) को स्वामी गोपालदास पुरस्कार-2026 प्रदान किया गया, जो स्व. राठौड़ के परिजनों ने ग्रहण किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता नामचीन लेखक-पत्रकार त्रिभुवन ने कहा कि स्वामी गोपालदास द्वारा स्थापित सर्वहितकारिणी सभा के माध्यम से समाज चेतना के साथ-साथ चूरू के विकास के लिए अभूतपूर्व काम हुआ, यह अपने आप में उल्लेखनीय बात है। स्वामी गोपालदास के जीवन और उनके आदर्शों से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए और उनके कदमों पर चलने का प्रयास करना चाहिए। सर्वहितकारिणी सभा के माध्यम से आजादी से पहले और उसके बाद चूरू के विकास का जो काम हुआ है, वह बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने समाज सेवा के क्षेत्र में मोहर सिंह राठौड़ के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि मोहर सिंह राठौड़ ने भामाशाहों और समाज के बीच में सेतु का कार्य किया।पूर्व सभापति रामगोपाल बहड ने कहा कि चूरू के विश्वसनीय और गणमान्य लोग यदि इस प्रकार की पहल करें तो प्रवासी जुड़ सकते हैं क्योंकि प्रवासियों को बस यह आश्वस्ति चाहिए कि उनके पैसे का समाज के हित में सदुपयोग होगा। प्रवासियों को मातृभूमि से कैसे जोड़ें, यह हमें प्रयास करना चाहिए। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता त्रिभुवन ने स्वामी गोपालदास के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को प्रेरणास्पद बताया और कहा कि अच्छी बात है कि चूरू के लोग इस तरह से अपने महापुरुषों को याद करते हैं और अपने मन में इस प्रकार कृतज्ञता रखते हैं। यहां स्वामी गोपालदास ने एक तरफ स्वाधीनता आंदोलन के लिए काम किया, वहीं समाज के विशेष तबकों के लिए काम किया और पर्यावरण संरक्षण व शहर के विकास की दिशा में भी अभूतपूर्व प्रयास किए। इससे पूर्व कार्यक्रम के संयोजक दलीप सरावग ने स्वागत करते हुए कहा कि स्वामी गोपालदास ने अंतिम छोर के व्यक्ति को अपना लक्ष्य बनाकर काम किया और यह प्रयास किया कि शिक्षा और विकास का उजियारा हर बस्ती, हर व्यक्ति तक पहुंचे। भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य ओम सारस्वत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कि कहा स्वामी गोपालदास जैसे महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने की जरूरत है। हमारा यह दायित्व है कि इन महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज को आगे बढ़ाएं। मोहन आर्य ने स्वामी गोपालदास द्वारा जनहित के लिए सर्वहितकारिणी सभा के माध्यम से किए गए कार्यों को कालजयी बताया और कहा कि स्वामी गोपालदास दूरदृष्टा महापुरुष थे। वे समय से बहुत आगे की सोच के व्यक्तित्व थे। शिक्षाविद प्रोफेसर कमल कोठारी ने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ समाज के लिए बेहतर काम करने वाले व्यक्तियों को पुरस्कृत करना और स्वामी गोपालदास जैसे महापुरुषों को याद करना गौरव की बात है। लच्छू राम पूनिया ने मोहर सिंह राठौड़ का जीवन परिचय प्रस्तुत करते हुए उन्हें विकास पुरुष बताया और कहा कि मोहर सिंह राठौड़ जननेता थे। उन्होंने मरदा परिवार, सारडा परिवार, सुराणा परिवार को प्रेरित कर चूरू में अनेक स्कूल खुलवाए।भरतिया परिवार को प्रेरित कर अस्पताल खुलवाया। भू दान आंदोलन में अपनी भूमि दान की।उन्होंने अपनी मेहनत व लगन से अपना एक व्यक्तित्व, एक मुकाम बनाया और समाज को लौटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। शिक्षा, चिकित्सा, भूकंप, सूखा, बाढ़ राहत सहित विभिन्न क्षेत्रों में समाज के लिए हमेशा बेहतर किया है। पूर्व प्रधान रणजीत सातडा ने स्वामी गोपालदास द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए चूरू के चारों तरफ बीहड़ भूमि रखवाने का उल्लेख करते हुए बताया कि स्वामी गोपालदास अपने कंधों पर पानी ले जाकर पौधों को सींचते थे। स्वामी गोपालदास सच्चे गौभक्त थे।पृथ्वी सिंह राठौड़ ने सम्मान के लिए आभार प्रकट करते हुए स्वामी गोपालदास और मोहर सिंह राठौड़ के कार्यों से प्रेरणादायक बताया।विक्रम सिंह ने मोहर सिंह राठौड़ के जीवन से प्रेरणा लेकर जन सेवा कार्य करने की भावना व्यक्त करते हुए सम्मान के लिए आभार प्रकट किया।इस अवसर पर राजकीय सर्वहितकारिणी उच्च माध्यमिक पुत्री पाठशाला के प्राचार्य अमर सिंह कस्वां, प्रधान दीपचंद राहड, निवर्तमान जिला उप प्रमुख महेन्द्र न्योल, नगरश्री चूरू सचिव श्याम सुंदर शर्मा, मदनलाल लाटा, ओमप्रकाश रणवा, चंदगी दूत, राकेश बेनीवाल, परमेश्वर महर्षि, खेमचंद स्वामी, शीशराम कालेर, प्रताप कस्वां, विकास मील, आरीफ खां, जमील चौहान, सुनील भाऊवाला, सहीराम पूनिया, राकेश कुंभाराम आर्य किसान फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष चेतराम सहारण, मोहन लाल अर्जुन, शिशपाल बुडानिया, आदि ने स्वामी गोपालदास द्वारा प्लेग महामारी में शहर को बचाने और दूसरे कार्यों का उल्लेख किया। कार्यक्रम संयोजक दलीप सरावग ने आभार व्यक्त किया। सरावग ने सभी प्रबुद्धजनों, जन प्रतिनिधियों और आयोजन में सहयोग देने वाले व्यक्तियों, कबीर पाठशाला, पुत्री पाठशाला के स्टाफ का और मीडिया कर्मियों का आभार प्रकट किया। संचालन रवि दाधीच ने किया।कार्यक्रम के दौरान सम्मान श्रद्धेय मोहर सिंह राठौड़ के परिजनों ने नरेंद्र सिंह राठौड़, देवी सिंह राठौड़, पृथ्वी सिंह राठौड़, विक्रम सिंह शेखावत, महिपाल सिंह राठौड़, पुण्य प्रताप सिंह राठौड़ को स्वामी गोपालदास संस्थान के सौजन्य से 21 हजार रुपए नकद, शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंट किए गए। परिजनों ने इस अवसर पर पुरस्कार राशि व‌ पृथ्वी सिंह राठौड़ ने पांच हजार रुपए संस्था की गतिविधियों के लिए प्रदान किए। इस मौके पर अशोक हुड्डा, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी मनीष कुमार, अरविंद चोटिया, शिक्षक नेता फूले सिंह बुरड़क, रीछपाल सिंह, जसवीर गोदारा,डालुराम सरावगी,बजरंग सिंह, सुचित्रा कस्वां,अंजू नेहरा, अशोक हुड्डा, राकेश कस्वां, महादेव महिया, मोहन हुड्डा, आरिफ पीथीसर, प्रमेंद्र सिहाग, शंभूदयाल शर्मा, डालूराम सरावग, वाहिद खान,बेगराज कस्वां, जसवीर गोदारा,किशोर धांधू, रामनिवास भांबू, सुखदेव कस्वां, शंकर लाल जांगिड़, गिरधारी तंवर, हुणताराम ईसराण, योगेश गौड़, शेरसिंह पूनिया सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, जनप्रतिनिधि, मीडियाकर्मी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

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