आज से भागवत कथा होगी शुरू, एक जैसी चुनड़ी ओढकर महिलाएं निकालेगी कलश यात्रा

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झुंझुनूं । अजीत जांगिड़

शहर के चूणा चौक स्थित आशीर्वाद पैलेस में शुक्रवार से श्रीमद्भागवत कथा शुरू होगा। पहले दिन भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। जिसकी तैयारियां पूरी हो गई है। वहीं कथा स्थल को भी मां भगवती डायमंड आर्ट की टीम आशीष श्रीमोहन तुलस्यान के नेतृत्व में भव्य रूप दिया गया है। जो आकर्षण का केंद्र रहेगा। कलश यात्रा सुबह 10 बजे लावरेश्वर मंदिर से रवाना होगी। जिसमें सूरत से मंगवाई गई विशेष चुनड़ी ओढे 251 महिलाएं सिर पर कलश धारण कर कथा स्थल तक पहुंचेगी। कलश यात्रा में कथावाचक हरिशरण जी महाराज एवं बगड़ दादूद्वारा के पीठाधीश्वर डॉ. अर्जुनदास महाराज का सानिध्य रहेगा। कथा स्थल आशीर्वाद पैलेस चूणा तक कलश यात्रा जााएगी। कथा आयोजन समिति के संयोजक डॉ. डीएन तुलस्यान ने बताया कि 30 अक्टूबर तक चलने वाली इस कथा में प्रसिद्ध कथा वाचक हरिशरण जी महाराज व्यासपीठ से प्रवचन देंगे। जो बीकानेर से देर रात झुंझुनूं पहुंचे। डॉ. तुलस्यान ने बताया कि अब तक भागवत कथाओं में सिर्फ प्रवचन, झांकियां और भजनों के साथ—साथ प्रसाद का कार्यक्रम होता था। लेकिन जिला मुख्यालय पर शुक्रवार से शुरू होने वाली भागवत कथा के दौरान छह दिनों तक ना केवल सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम होंगे। बल्कि भागवत कथा के दौरान भी प्रश्नोत्तरी होगी। खुद हरिशरण जी महाराज अपने श्रीमुख से सुनाई गई भागवत कथा और अन्य धार्मिक इतिहास से जुड़े प्रश्नों को पूछेंगे। जिनके सही जवाब देने वाले धर्मप्रेमियों को पुरस्कृत करेंगे। श्रीश्याम आशीर्वाद सेवा संस्थान के तत्वावधान और श्री केशरदेव देवकीनंदन तुलस्यान परिवार की ओर से आयोजित होने वाली इस भागवत कथा की जानकारी देते हुए समाजसेवी भामाशाह डॉ. डीएन तुलस्यान ने बताया कि यह आयोजन 24 अक्टूबर से शुरू होगा। चूणा चौक स्थित आशीर्वाद पैलेस में होने वाले इस धार्मिक आयोजन में आशीर्वाद पैलेस हाउसिंग सोसायटी सहित शहर की अन्य धार्मिक—सामाजिक संस्थाएं भी सहयोगी होगी। उन्होंने बताया कि कुलदेवी श्री राणीसती जी दादीजी एवं पितृ कृपा से भागवत कथा का आयोजन 24 से 30 अक्टूबर तक किया जाएगा। पहले दिन शुक्रवार 24 अक्टूबर को सुबह 10 बजे लावरेश्वर महादेव मंदिर से कथा स्थल आशीर्वाद पैलेस में भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद प्रतिदिन दोपहर दो से शाम छह बजे तक भागवत कथा पर प्रवचन होंगे। इसी के साथ हर दिन सुबह पांच बजे प्रवचन, सात बजे प्रभात फेरी और कथा के बाद धार्मिक प्रश्नोत्तरी होगी। पहली बार कथा स्थल पर सोमवार 27 अक्टूबर को रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। भागवत पूजन मूलपाठ पंडित संजू के आचार्यत्व में होगा। शहर के प्रसिद्ध पुष्करजी केटर्स के हरीश तुलस्यान द्वारा प्रसाद व्यवस्था की जाएगी।

कल सरकारी स्कूलों को बांटेंगे पाठ्य सामग्री

इस बार कथा के दौरान लगातार छह दिनों तक सामाजिक सरोकार के कार्य होंगे। जानकारी देते हुए आयोजक तुलस्यान परिवार के योगेश तुलस्यान एवं सीए प्रशांत तुलस्यान ने बताया कि कथा के दूसरे दिन 25 अक्टूबर को सरकारी स्कूल के बच्चों को पाठ्य सामग्री और स्नेक्स वितरण होगा। तो इससे अगले दिन 26 अक्टूबर को सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए हेलमेट वितरित किए जाएंगे। वहीं 27 अक्टूबर को रक्तदान शिविर तथा 28 अक्टूबर को पंसारी लॉयंस हॉस्पिटल में नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा। नेत्र चिकित्सा शिविर में प्रसिद्ध नेत्र विशेषज्ञ और उनकी टीम सेवाएं देंगी। इसी क्रम में 29 अक्टूबर को जरूरतमंदों को कंबल और भोजन की थाली का वितरण होगा। भागवत कथा के विश्राम दिवस 30 अक्टूबर गुरूवार को गोपाष्टमी पर्व मनाते हुए 56 भोग प्रसाद से गौसेवा का कार्यक्रम श्री गोपाल गौशाला में होगा। रक्तदान और नेत्र चिकित्सा शिविर लॉयंस क्लब झुंझुनूं के सहयोग से लगाया जाएगा। नेत्र चिकित्सा शिविर जिला अन्धता निवारण समिति जयपुर, लॉयंस क्लब झुंझुनूं एवं श्री श्याम आशीर्वाद सेवा संस्थान झुंझुनूं के संयुक्त तत्वावधान में शंकरा आई हॉस्पिटल जयपुर के नैत्र विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा लगाया जाएगा। जिसमें चिकित्सक द्वारा चिह्नित रोगियों के लैंस प्रत्यारोपित भी निशुल्क किए जाएंगे। इस कैंप का समय सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक रखा गया है।

आज बताएंगे भागवत कथा का महात्म्य

डॉ. डीएन तुलस्यान ने बताया कि प्रसिद्ध कथा वाचक श्री हरिशरण जी महाराज द्वारा सातों दिन अलग—अलग प्रसंगों पर सारगर्भित और संदेशपरक प्रवचन दिए जाएंगे। इसके अलावा सजीव झांकियां और भजन भी धर्मप्रेमियों को धार्मिक माहौल में डूबोएंगे। पहले दिन 24 अक्टूबर को श्रीमद् भागवत कथा महात्म्य बताया जाएगा। वहीं 25 अक्टूबर को चौबीस अवतार, भीष्मचरित्र एवं सुखदेव जी का आगमन, 26 अक्टूबर को मूल भागवत, सती चरित्र, कपिल चरित्र एवं ध्रुव चरित्र, 27 अक्टूबर को अजामल चरित्र, वामन चरित्र एवं कृष्ण जन्म नन्दोत्सव, 28 अक्टूबर को बाल लीला एवं कालिया नाग कृष्ण लीला, 29 अक्टूबर को गोवर्धन धारण रासलीला, उद्धव गोपी संवाद, रुक्मणि विवाह तथा 30 अक्टूबर को सुदामा चरित्र, उपसंहार एवं फूलों की होली के साथ कथा को विश्राम दिया जाएगा।

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