ढ़ांढंण वाली दादी का टाबरिया परिवार की ओर से दादी आसी म्हारे आंगने….भजन संध्या का हुआ आयोजन
चूरू। स्थानीय सत्संग भवन में ढ़ांढंण वाली दादी का टाबरिया परिवार चूरू की ओर से सोमवार को दादी आसी म्हारे आंगने भजन संध्या का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दादी की दिव्य ज्योत प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का आगाज गणेश वंदना से मेहुल शर्मा ने गणेश जी आया रिद्धि-सिद्धि लाया, धोए-धोए आंगने में पधारो म्हारा दादीजी जेसे-भजनों की प्रस्तुतियों से किया। संजय सर्वा ने तेरे ढ़ांढंण आता रहूं, मैया तू मुझको बुलाती रहे। कोलकाता के नवीन जोशी ने मैं रहूं ना रहूं इस दुनिया में तेरा कीर्तन हमेशा चलता रहे, गजरो लागे नो लखो हार, चुनड़ तो ओढ़ म्हारी दादी जैसे एक से बढ़कर एक भजनों की आकर्षक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित स्त्रोताओं को मंत्र-मुग्ध कर दिया। कार्यक्रम संयोजक संजय बजाज ने बताया कि इससे पूर्व दादी का रंग-बिरंगे फूलों से भव्य दरबार सजाया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर ढ़ांढ़ंण चैरीटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी दिनेश बजाज, कोलकाता ढ़ांढ़ंण वेलफेयर सोसायटी के मोहन बजाज, सतीश बजाज, कोलकाता ढ़ांढ़ण महोत्सव के श्याम बजाज, संदीप बजाज, अमेरिका के मुकेश बजाज, लक्ष्मणगढ़ समिति के सदस्य, ढ़ांढ़ंण वाली दादी का टाबरिया परिवार चूरू व जेसराज बिहारी लाल बजाज परिवार के सदस्य उपस्थित थे। इस अवसर पर टाबरिया परिवार के सदस्यों ने अतिथियों का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में दादी की महाआरती की गई। संस्थान के संजय बजाज ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित थे।