झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
जिला मुख्यालय स्थित एसीआई उमावि में भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्री कृष्ण के जन्मोत्सव को जन्माष्टमी पर्व के रूप में समारोह पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान के नन्हें मुन्ने विद्यार्थियों ने भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप कर्मयोग व धर्म योग का सुंदर चित्रण नृत्य एवं गायन के माध्यम से प्रस्तुत किया। नर्सरी कक्षा के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कृष्ण मेरा सुपरस्टार एलकेजी के द्वारा बांसुरी कृष्ण की बजेगी। यूकेजी के बच्चों द्वारा आया गोकुल का चोर, दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों ने मधुवन में कन्हैया, कक्षा पांचवीं के विद्यार्थियों ने चांदी की डाल पर, यशोमति मैया से बोले नंदलाला गायन पर नृत्य प्रस्तुत कर मन मोह लिया। संस्था निदेशक विकास शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महज एक उत्सव नहीं, एक साधना है। यह वह दिन है जब हमें अपने भीतर यह सवाल उठाना चाहिए कि क्या हमारे विचार, कर्म और व्यवहार में आज भी कृष्ण मौजूद है। क्या हम संकट के समय गीता की शरण लेते है। आज जब दुनिया बाहरी चकाचौंध, बाजारवाद, भौतिकता, युद्ध और संघर्षों से भरी है। तब श्रीकृष्ण के अंदरुनी दर्शन को अपनाना अनिवार्य हो जाता है। संस्था निदेशक मनोज शर्मा ने कहा कि हम अपने भीतर के कृष्ण को पहचाने, उन्हें जगाए और संजोकर रखे। यहीं वास्तविक भक्ति है और यही जीवन की सबसे गहरी साधना है। ईश्वर के प्रति भी और खुद के प्रति भी। कान्हा बने अरस्तु गौड़ नें अपने अभिनय से उपस्थित जनसमूह को मंत्र मुग्ध कर दिया। इस अवसर पर आशा शर्मा, प्रियंका शर्मा, सरोज, निशा शर्मा, सुमन चौहान, वैशाली, ऐश्वर्या स्वामी, ऋतिका बहुगुणा, पूनम शर्मा, मोहम्मद बिलाल, नरेश कुमार, विजय सैनी, सुनिल कुमार, दिनेश वर्मा, अशोक जांगिड़, राधेश्याम शर्मा, दिव्या रोहिला, जयप्रकाश शर्मा, महेंद्रसिंह, राकेश, दिनेश आचार्य, संदीप झाझड़िया, पूनम जांगिड़, दिवेंक शर्मा, हेमंत जांगिड़, शिवकुमार पालीवाल, रमेश मील उपस्थित थे।