आयुक्त के चैंबर के बाहर दिया धरना, की नारेबाजी
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
नगर परिषद का कार्यकाल पिछले साल नवंबर में पूरा हो गया था। जिसके बाद से नगर परिषद की कमान अधिकारियों के हाथ में एडीएम झुंझुनूं नगर परिषद के प्रशासक है। बुधवार को प्रशासक और आयुक्त पर लापरवाही व भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए निवर्तमान पार्षदों ने नगर परिषद में जमकर प्रदर्शन किया। आयुक्त दलीप पूनियां के कार्यालय में ना मिलने के कारण नाराज पार्षदों ने उनके चैंबर के बाहर ही धरना दिया और नारेबाजी की। निवर्तमान पार्षद अजमत अली और प्रदीप सैनी ने बताया कि बार—बार प्रशासन और प्रशासक को बताए जाने के बाद भी सफाई और रोशनी व्यवस्था नहीं सुधर रही है। स्ट्रीट लाइटें तो नगर परिषद से गायब तक हो गई है। लेकिन प्रशासन व प्रशासक, दोनों सो रहे है। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने के लिए जो ठेका छोड़ा गया है। उसमें भी तय शर्तों को पूरा नहीं करवाया जा रहा है। ना ही तो ठेकेदार ने कोई समस्या समाधान की एंट्री का सिस्टम बना रखा है और महीने महीने भर तक लाइटें ठीक नहीं हो रही। जबकि 48 घंटे में लाइट सही ना होने पर पेनेल्टी का प्रावधान है। बावजूद इसके आज तक नगर परिषद द्वारा एक भी ठेकेदार पर पेनेल्टी नहीं लगाई गई है। यही हाल सफाई व्यवस्था का है। करोड़ों रूपए महीने का भुगतान करने के बाद भी घर घर कचरा व्यवस्था खत्म हो चुकी है। कई कई दिनों तक कचरा नहीं उठाया जाता है। यही कारण है कि इस बार झुंझुनूं नगर परिषद की स्वच्छता रैंकिंग भी गिर गई है। आयुक्त के मिटिंग में होने के चलते पार्षदों से मिलने के लिए एक्सईएन पहुंचे। जिन्होंने समस्या समाधान का आश्वासन दिया है। इधर, इन पार्षदों ने कलेक्टर और एडीएम से मुलाकात कर आठ दिन का समय दिया है। यदि आठ दिनों में सफाई और रोशनी व्यवस्था पटरी पर नहीं आई तो धरने की चेतावनी दी गई है। इस मौके पर निवर्तमान पार्षद मनोज सैनी, सादा आदि मौजूद थे।