‘शिक्षा श्री’ से सम्मानित भामाशाहों का अभिनंदन, जरूरतमंद विद्यार्थियों को वितरित की गईं टी-शर्ट; स्काउट्स द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर और पुष्पवर्षा से किया गया स्वागत
भामरवासी।इस्लामपुर के निकटवर्ती ग्राम पंचायत भामरवासी के सरकारी विद्यालय में सुबह से ही उत्सव का माहौल था। सभी छात्र-छात्राओं के चेहरे खिले हुए थे। अवसर था पूर्व प्रधानाचार्य सुरेंद्र कुमार डूडी की विदाई, ‘शिक्षा श्री‘ की उपाधि से अलंकृत भामाशाहों के सम्मान व विद्यालय के जरूरतमंद एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को निशुल्क टी-शर्ट वितरण का। संस्था प्रधान अनुज लमोरिया ने बताया कि इस वर्ष भामाशाह दिवस पर शाला के पांच भामाशाह रोहिताश्व जानूं, देवकरण जानूं, गुलझारीलाल जानूं, शेरसिंह शेखावत व अनिल जोनसरिया को जिला कलेक्टर व शिक्षा विभाग के द्वारा शिक्षा श्री की उपाधि से पुरस्कृत किया गया। पूर्व प्रधानाचार्य सुरेंद्र कुमार डूडी को इनके साथ ही शाला प्रेरक से पुरस्कृत किया गया। सभी भामाशाहों व शाला प्रेरक का शाला परिवार की ओर से गर्मजोशी के साथ अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर पूर्व प्रधानाचार्य सुरेंद्र कुमार डूडी के द्वारा शाला के 51 जरूरतमंद विद्यार्थियों को अपने खर्चे से टी-शर्ट वितरित किए गए। इससे पूर्व अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में पदस्थापन के लिए आयोजित हुई परीक्षा में झुंझुनूं जिले में प्रथम स्थान प्राप्त प्रधानाचार्य सुरेंद्र कुमार डूडी का स्काउट मास्टर जयसिंह जानूं व सुनिता पायल के नेतृत्व में शाला के स्काउट्स व गाइड्स ने कलर पार्टी के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर अभिनंदन किया। शाला स्टॉफ, विद्यार्थियों व गांव के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में शाला के मुख्य द्वार से स्टेज तक पुष्प वर्षा के साथ ‘गार्ड ऑफ ऑनर‘ के साथ लाया गया। गांव की तरफ से भी प्रोफेसर धर्मवीर जानूं, गुलझारीलाल जानूं, कैप्टन ओमप्रकाश जानूं आदि ने सुरेंद्र कुमार डूडी को शॉल ओढ़ाकर एवं प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य सुरेंद्र कुमार डूडी के द्वारा शाला के सभी विद्यार्थियों के लिए मिठाई का प्रबंध किया गया। इस अवसर पर शाला स्टाफ के अतिरिक्त गांव के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अंत में संस्था प्रधान ने सभी का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन जयसिंह जानूं व श्रीराम शर्मा ने किया।