सूरजगढ़ विधायक श्रवण कुमार का दोहरा चरित्र उजागर!

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सोशल मीडिया पर ‘मेरी अनुशंसा पर 19.45 करोड़ की सड़कें स्वीकृत’ का ढिंढोरा, सीएम को पत्र में बोले- ‘मेरे कहने से एक भी सड़क नहीं हुई स्वीकृत’

सूरजगढ़।झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्रवण कुमार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपने ही सोशल मीडिया दावों को खारिज कर दिया है। 11 फरवरी को सोशल मीडिया पर बयान देकर उन्होंने जोर-शोर से दावा किया था कि उन्होंने सड़कों की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजे हैं और वे जल्द स्वीकृत हो जाएंगी। मात्र तीन दिन बाद 14 फरवरी को बजट सत्र के दौरान उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा- सड़कें स्वीकृत हो गई। उन्होंने दावा किया कि पूरक बजट में उनकी अनुशंसा पर 19.45 करोड़ रुपये की सड़कें मंजूर हुई हैं। इसी बीच कुछ दिन पहले 13 मार्च को ही विधायक श्रवण कुमार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर स्वीकार किया कि मेरे कहने से कोई भी सड़क स्वीकृत नहीं हुई। पत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा कि उनकी ओर से भेजी गई एक भी सड़क की अनुशंसा पर स्वीकृति नहीं मिली। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से इन सड़कों को तुरंत स्वीकृत करने की मांग भी रखी है।

सोशल मीडिया पर एक्टिव, लेकिन हकीकत उल्टी

विधायक श्रवण कुमार सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय रहते हैं। हर छोटी-बड़ी स्वीकृति के बाद वे खुद को क्रेडिट देते हुए पोस्ट करते हैं और मेरी अनुशंसा पर स्वीकृत लिखकर जनता को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। लेकिन मुख्यमंत्री को लिखे इस पत्र ने उनके सारे दावों को एक झटके में फेल कर दिया।

क्या झूठी वाहवाही लूटने के लिए हो रहा था प्रचार?

राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे हैं कि क्या विधायक श्रवण कुमार सोशल मीडिया पर झूठी वाहवाही लूटने और जनता को गुमराह करने के लिए यह प्रचार अभियान चला रहे थे? जब काम नहीं हुआ तो खुद ही मुख्यमंत्री के सामने हाथ खड़े कर दिए। क्षेत्र की जनता अब सवाल कर रही है- जितनी तेजी से दावे किए गए, उतनी तेजी से उन्हें वापस लेने का यह खेल क्या सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की साजिश थी?

जनता में आक्रोश

सूरजगढ़ क्षेत्र की जनता लंबे समय से सड़कों की बेहतर सुविधा की मांग कर रही है। विधायक के इस उलट-फेर ने लोगों को निराश किया है। पूर्व बुहाना प्रधान प्रतिनिधि कृष्ण खांदवा ने कहा कि पहले सोशल मीडिया पर जश्न मनाते हैं। फिर चुपके से पत्र लिखकर कहते हैं कि कुछ नहीं हुआ। यह दोहरा चरित्र जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने ने कहा— यह घटना ना केवल विधायक श्रवण कुमार की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही है। बल्कि पूरे राजनीतिक वर्ग पर भी सवाल खड़ा कर रही है कि क्या सोशल मीडिया प्रचार अब हकीकत से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है?

प्रदेश महिला प्रभारी एवं पूर्व सांसद संतोष अहलावत का कटाक्ष

श्रवण कुमार, सोशल मीडिया पर 19.45 करोड़ की सड़कें अपनी अनुशंसा पर स्वीकृत का ढिंढोरा पीटते है और सीएम को पत्र लिखकर कहते है कि मेरे कहने से एक भी सड़क नहीं हुई! यह दोहरा चरित्र और सस्ती वाहवाही की राजनीति सूरजगढ़ की जनता अब बर्दाश्त नहीं करेगी। असली काम करो, सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं!

सूरजगढ़ विधायक श्रवण कुमार का बयान

पत्र मैंने ही लिखा है, भेजी गई कुछ सड़कें स्वीकृत हुई तो कुछ नहीं। जिनके लिए पत्र लिखा, वे सादे कागज पर थे। शायद कहीं गुम हो गया। मुख्यमंत्री जी पर पूरा विश्वास है, वे मेरी मांग जरूर पूरी करेंगे। हालांकि श्रवण कुमार का पत्र उनके दावो को खोखला साबित कर रहा है।

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