
सांसद ओला ने लोकसभा में उठाया किसानों की कमाई का बड़ा सवाल, कहा—देश में उत्पादन बढ़ रहा फिर भी आयात क्यों? आयात नीति पर तुरंत लगाम और MSP पर पुख्ता खरीद सुनिश्चित करने की मांग
झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
झुंझुनूं लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजेन्द्र सिंह ओला ने मंगलवार को लोकसभा में दलहन उत्पादक किसानों की पीड़ा को बेहद आक्रामक और प्रभावशाली अंदाज में उठाते हुए केंद्र सरकार की आयात नीति पर तीखा सवाल खड़ा किया। प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने कहा कि देश में दलहन उत्पादन बढ़ने के बावजूद विदेशों से दालों का लगातार बढ़ता आयात किसानों की मेहनत और उनकी आय पर सीधा प्रहार है। सांसद ओला ने संसद में स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार स्वयं स्वीकार कर चुकी है कि पिछले तीन वर्षों में दलहन का आयात लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2024-25 में दलहन आयात 72.56 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच जाना इस बात का संकेत है कि आयात नीति घरेलू किसानों के हितों को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि जब बाजार में आयातित दालों की भरमार हो जाती है तो स्वाभाविक रूप से कीमतों पर दबाव पड़ता है और किसान अपनी उपज का उचित मूल्य पाने से वंचित रह जाते हैं।उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल आर्थिक समस्या नहीं बल्कि किसानों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। यदि यही हालात बने रहे तो देश के किसान दलहन उत्पादन से दूर हो सकते हैं, जिससे आने वाले समय में खाद्य सुरक्षा पर भी संकट खड़ा हो सकता है।.सांसद ओला ने विशेष रूप से राजस्थान के झुंझुनूं, चुरू, नागौर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में हजारों किसान दलहन की खेती करते हैं और उनकी आजीविका इसी पर निर्भर है। बढ़ते आयात के कारण बाजार में दाम गिरने से इन किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।उन्होंने सरकार की MSP व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार हर साल दलहन फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर खरीद बेहद सीमित रहती है। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में किसानों को MSP का लाभ नहीं मिल पाता और उन्हें मजबूरी में अपनी फसल कम कीमतों पर बेचनी पड़ती है। सांसद ओला ने केंद्र सरकार से मांग की कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए दलहन आयात नीति की तत्काल समीक्षा कर आयात पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए। साथ ही किसानों की आय को सुरक्षित करने के लिए MSP गारंटी कानून बनाया जाए और दलहन की व्यापक सरकारी खरीद MSP पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि सरकार सचमुच किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना चाहती है तो उन्हें उनकी फसल का न्यायसंगत मूल्य मिलना ही चाहिए। आयात पर नियंत्रण और MSP की कानूनी गारंटी ही देश के दलहन किसानों को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान दिला सकती है।












