यूजीसी कानून सवर्ण समाज के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है – डॉ. मूलसिंह शेखावत

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झुंझुनूं ।अजीत जांगिड़
जिले के सवर्ण वर्ग ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य एवं जैन समाज द्वारा शहर के पीरूसिंह सर्किल स्थित एक निजी रेस्टोरेंट में आयोजित एक प्रेस वार्ता में यूजीसी कानून के विरोध में बोलते हुए पूर्व विधायक डॉ. मूलसिह शेखावत ने कहा कि सवर्ण समाज माननीय सर्वोच्च न्यायालय के स्थगन आदेश का स्वागत करता है। जिसमें यूजीसी काला कानून पर रोक लगाई और उसे लागू करना सवर्ण समाज के साथ अन्याय बताते हुए फिर से विचार करना आवश्यक समझा। डॉ. मूलसिंह ने कहा कि हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि वे अपने जवाब में इस काले कानून को वापस लें। भाजपा की केंद्र सरकार जो हिंदू एकता की बात करती है और दूसरी ओर यूजीसी एक्ट के माध्यम से हिंदू समाज को जातियों में बांटकर समाज में नफरत का बीज बो रहे हैं। जिसका भविष्य में परिणाम अत्यंत घातक साबित होगा। यह सवर्ण समाज के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। सवर्ण समाज समन्वयक उमाशंकर महमिया ने कहा कि स्वर्ण समाज ने सदैव सभी वर्गों को साथ में लेकर चलने की व्यवस्था का साथ दिया है। फिर उनके साथ भेदभाव अन्याय है। यूजीसी कानून का दुष्प्रभाव सभी वर्गों पर पड़ेगा। शिक्षा का स्तर गिरेगा। ये आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। यूजीसी कानून लागू होने से विश्वविद्यालयों की स्वायतत्ता समाप्त हो जाएगी। शिक्षकों के अधिकारों व विद्यार्थियों की स्वतंत्रता पर कुठाराघात होगा व आपस में वैमनस्यता का बीज अंकुरित होगा। जिससे सवर्ण समाज के शिक्षकों व विद्यार्थियों में भय का वातावरण बनेगा। इसके दुष्प्रभाव से सवर्ण समाज के शिक्षकों के अध्यापन कार्य बाधित होंगे और विद्यार्थी शिक्षा से वंचित रहेंगे। वैश्य समाज जिलाध्यक्ष नरेश परसरामपुरिया ने कहा कि यह सामाजिक न्याय की मूल भावना पर सीधा हमला है। यूजीसी कानून लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। जिससे शिक्षा का स्तर गिरता चला जाएगा। सरकारी संस्थाओं को कमजोर कर निजी विश्वविद्यालयों को सीधा लाभ पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। सनातन भारत संघ अध्यक्ष मनोहरसिंह घोड़ीवारा ने कहा कि यूजीसी एक्ट लागू कर सवर्ण समाज को हीन बनाकर उन्हें डराने, शिक्षा और रोजगार से वंचित करने का कुत्सित प्रयास व षड़यंत्र किया जा रहा है। सवर्ण समाज इसके विरोध में सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन के लिए बाध्य है। इस अवसर पर विप्र फाउंडेशन संरक्षक राजेंद्र जोशी, गौड़ समाज के कार्यकारी जिलाध्यक्ष प्रदीप शर्मा अलसीसर, विप्र फाउंडेशन संरक्षक एडवोकेट सुशील जोशी, विप्र फाउंडेशन संगठन महामंत्री रामगोपाल महमिया, विप्र फाउंडेशन जिला महामंत्री वशिष्ठ शर्मा, रविंद्रसिंह तोलियासर, पुजारी महासंघ के जिलाध्यक्ष विनोद पुजारी, अग्रवाल समाज के पूर्व अध्यक्ष कैलाश सिंघानिया, वैश्य जिला उपाध्यक्ष रघुनाथ पोद्दार, जैन समाज के अध्यक्ष एडवोकेट लाल बहादुर जैन, महाराव शेखा संस्थान अध्यक्ष जगदीशसिंह नांद, पारीक समाज के जिलाध्यक्ष संजय पारीक, विप्र फाउंडेशन जिला मंत्री रमेश चौमाल, अमित शेखावत शिशियां सहित सवर्ण समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे।

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