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Home राजस्थान झुंझुनूं किशोर-किशोरियों को आत्मविश्वासी और सशक्त बनाने पर जोर

किशोर-किशोरियों को आत्मविश्वासी और सशक्त बनाने पर जोर

डाइट संस्थान में दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित, शिक्षकों को दिए नवाचार आधारित गतिविधियों के निर्देश

झुंझुनूं। अजीत जांगिड़
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) झुंझुनूं में आरएससीईआरटी, उदयपुर द्वारा जारी पंचांग के अनुसार डाइट के डीआरयू प्रभाग की ओर से किशोर-किशोरी सशक्तिकरण विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य किशोर-किशोरियों में आत्मविश्वास, समानता, सम्मान, संवेदनशीलता तथा नारी सशक्तिकरण की भावना विकसित करने के लिए शिक्षकों को प्रभावी गतिविधियों एवं नवाचारों से रूबरू करवाना रहा। डाइट प्रधानाचार्या सुमित्रा झाझड़िया ने किशोर-किशोरी सशक्तिकरण की वर्तमान समय में आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में किशोर-किशोरियों को सही मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षक विद्यार्थियों के प्रति अधिक संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित कर सकेंगे तथा उन्हें आत्मविश्वासी एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। डीआरयू प्रभागाध्यक्ष डॉ. सीमा सूरा ने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में किशोर-किशोरियों को आत्मविश्वास के साथ समाज में अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित करना आवश्यक है। उन्होंने ऐसे प्रशिक्षणों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में उपयोगी बताया। डीआरयू सह प्रभारी डॉ. आकांक्षा चौधरी एवं सरोज चौधरी ने प्रशिक्षण के दौरान नवाचार के रूप में पावर टूल किट एवं पावर वॉल को प्रत्येक विद्यालय में संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने के साथ उनके व्यक्तित्व विकास को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान संदर्भ शिक्षकों सरिता, शारीरिक शिक्षक एवं रमेश पूनिया, अध्यापक ने कॉमिक पात्रों एवं कहानियों के माध्यम से जटिल विषयों को सरल, रोचक एवं प्रभावी तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न गतिविधियां करवाईं। शिक्षकों ने गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा विद्यालय स्तर पर इन्हें लागू करने के तरीकों पर चर्चा की। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागी शिक्षकों ने संकल्प लिया कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान एवं गतिविधियों को विद्यालयों तक पहुंचाकर विद्यार्थियों में समानता, सम्मान, संवेदनशीलता, आत्मविश्वास एवं नारी सशक्तिकरण की भावना विकसित करने का कार्य करेंगे।

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