ब्याज माफिया से त्रस्त किसान, 10 आत्महत्याओं का आरोप

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बीमा क्लेम, ओलावृष्टि नुकसान व गेहूं खरीद को लेकर किसान सभा का प्रशासन पर हमला, बोले कलेक्टर को किसानों से किसी भी तरह का सौहार्द नही

हनुमानगढ़। हिमांशु मिढ्ढा
अखिल भारतीय किसान सभा, हनुमानगढ़ द्वारा मंगलवार को किसान भवन, धान मंडी, हनुमानगढ़ जंक्शन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसानों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को लेकर जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष मंगेज चौधरी व अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि जिले में निजी ब्याज माफिया का जाल तेजी से फैल रहा है, जिसके कारण अब तक 10 किसानों द्वारा आत्महत्या करने की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है और नियमों की अनदेखी हो रही है। किसान नेताओं ने हाल ही में हुई ओलावृष्टि का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जिले में बड़े स्तर पर फसलों को नुकसान हुआ है, लेकिन सात दिन बीत जाने के बाद भी जिला कलेक्टर द्वारा जमीनी स्तर पर कोई निरीक्षण नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि किसान प्रधान जिले में प्रशासन की इस उदासीनता से किसानों में भारी रोष है। प्रेस वार्ता में बताया गया कि पिछले सीजन में जिले में 80 प्रतिशत से अधिक फसल खराबा हुआ था, लेकिन प्रशासन ने केवल चार गांवों में ही खराबा मानकर किसानों को राहत से वंचित कर दिया। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि उस समय भी किसानों की आवाज को अनसुना किया गया था। वर्तमान में खड़ी फसल को नुकसान होने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। फसल बीमा को लेकर भी किसान सभा ने गंभीर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि लगातार तीन फसलों के खराब होने के बावजूद बीमा क्लेम को शून्य माना जा रहा है, जो सरकार और प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। अन्य जिलों में जहां रेंडम क्रॉप कटिंग के माध्यम से नुकसान का आकलन किया जा रहा है, वहीं हनुमानगढ़ में सैटेलाइट के माध्यम से सर्वे किया जा रहा है, जिससे वास्तविक नुकसान सामने नहीं आ पा रहा। उन्होंने बताया कि पहले जहां मुआवजा राशि लगभग 1100 करोड़ रुपये तक पहुंचती थी, वहीं इस बार भारी नुकसान के बावजूद मात्र 1 करोड़ रुपये का मुआवजा प्रस्तावित किया गया है। किसान सभा के नेता गोपाल बिश्नोई चरण प्रीत बराड़ ओम स्वामी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगामी 7 दिनों में फसल बीमा क्लेम की घोषणा नहीं की गई, तो जिले के सभी उपखंड कार्यालयों पर किसान कब्जा करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों के पास अब आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है और जल्द ही जिला कलेक्ट्रेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान नेताओं ने गेहूं की सरकारी खरीद व्यवस्था को सुचारू रूप से शुरू करने और स्लॉट सिस्टम को समाप्त करने की भी मांग उठाई। उन्होंने प्रशासन से किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की अपील करते हुए चेताया कि यदि 9 अप्रैल 2026 को गेहूं की सरकारी खरीद में सभी शर्तों को नही हटाया गया तो किसान ट्रैक्टर ट्रालियों से जिला कलेक्टर पर अनिश्चितकालीन पड़ाव डालेंगे। इस मौके पर भालाराम स्वामी, सुभाष सहु, प्रेम लगाना, वेद मक्कासर, बीएस पेन्टर व अन्य नेता मौजूद थे।

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