हाइवे पर जांच के लिए तय स्थान और टोल प्लाजा पर व्यवस्था लागू करने की मांग
नई दिल्ली। जितेन्द्र गौड़
चूरू सांसद राहुल कस्वां ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान देशभर के ट्रक ड्राइवरों के साथ हो रहे शोषण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि देश में लगभग पौने दो करोड़ ट्रक ड्राइवर हैं, जो भारतीय लॉजिस्टिक्स और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं तथा 63 प्रतिशत से अधिक माल ढुलाई का जिम्मा संभालते हैं। इसके बावजूद उन्हें विभिन्न स्थानों पर सरकारी अधिकारियों द्वारा प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंच रही है।सांसद कस्वां ने बताया कि आए दिन राजमार्गों पर ट्रक ड्राइवरों को बीच सड़क कहीं भी रोककर नियमों के नाम पर परेशान किया जाता है। इससे न केवल उनका मानसिक उत्पीड़न होता है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने चूरू के कोलासर में रणजीत नामक व्यक्ति की सड़क हादसे में हुई मृत्यु का उल्लेख करते हुए इस समस्या की गंभीरता पर जोर दिया।उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए फास्टैग जैसे प्रावधानों का जिक्र करते हुए कहा कि तकनीकी सुधारों के बावजूद जमीनी स्तर पर ड्राइवरों की समस्याएं बनी हुई हैं।सांसद कस्वां ने इस समस्या के समाधान के लिए सरकार से निम्न मांगें रखीं हैं। उन्होंने कहा कि राजमार्गों पर ट्रकों की जांच केवल निर्धारित (डेडिकेटेड) स्थानों पर ही की जाए।टोल प्लाजा पर जांच की व्यवस्था हो, ताकि सीसीटीवी निगरानी में पारदर्शिता बनी रहे और ड्राइवरों को सम्मान मिले।उन्होंने कहा कि ड्राइवरों के आत्मसम्मान और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में ठोस कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है।
ACB की बड़ी कार्रवाई | मंडी सचिव 40 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार
चूरू में जरूरतमंद परिवार की बेटियों की शादी करवाई | मुस्लिम सेवा संस्थान ने पेश की मिसाल
चूरू के खारिया गांव में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण का आरोप | ग्रामीणों ने CM से लगाई गुहार
चूरू में साहित्य गोष्ठी | कवियों और शायरों ने बांधा समां, काव्य पाठ से गूंजा नगरश्री














