शेखावाटी के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं दिलाने की पहल, प्रतिभाओं के पलायन पर जताई चिंता
झुंझुनूं । अजीत जांगिड़
शेखावाटी की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए झुंझुनूं से सांसद बृजेंद्र सिंह ओला ने गुरूवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान जोरदार तरीके से झुंझुनूं में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग उठाई। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर का खेल संस्थान या विश्वविद्यालय स्थापित कर युवाओं को नई दिशा दी जाए। सांसद ओला ने संसद में अपने प्रभावशाली संबोधन में कहा कि झुंझुनूं सहित पूरा शेखावाटी क्षेत्र देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। यहां के युवाओं की सेना में उल्लेखनीय भागीदारी, शिक्षा में उत्कृष्ट उपलब्धियां और खेलों में शानदार प्रदर्शन इस क्षेत्र की पहचान बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस धरती ने देश को अनेक वीर सैनिकों के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने भारत का नाम रोशन किया है।लेकिन इस गौरवशाली परंपरा के बावजूद, सांसद ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि क्षेत्र में आधुनिक खेल सुविधाओं और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण संस्थानों की भारी कमी है। यही कारण है कि यहां के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन करना पड़ता है और आर्थिक और पारिवारिक बाधाओं के चलते कई प्रतिभाएं अपने सपनों को साकार नहीं कर पातीं। सांसद ओला ने स्पष्ट रूप से मांग रखी कि झुंझुनूं में राष्ट्रीय खेल संस्थान पटियाला की तर्ज पर एक अत्याधुनिक खेल विश्वविद्यालय या संस्थान स्थापित किया जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और संसाधन मिल सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाती है, तो न केवल झुंझुनूं बल्कि पूरे शेखावाटी क्षेत्र से देश को और अधिक उत्कृष्ट खिलाड़ी मिलेंगे, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराएंगे। यह मुद्दा केवल एक मांग नहीं, बल्कि शेखावाटी के हजारों युवाओं के सपनों और संभावनाओं की आवाज है, जो अब संसद के माध्यम से देश के सर्वोच्च मंच तक पहुंच चुकी है।
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