
कोलसिया ।झुंझुनूं ।अजीत जांगिड़
गांव में बंदरों का उत्पात ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। सुबह होते ही बंदरों का झुंड घरों और छतों पर उत्पात मचाना शुरू कर देता है। जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं।बंदर बिजली के तारों को झूले की तरह इस्तेमाल करते हैं। जिससे वे छतों से टकराते हैं। इसके अलावा बंदर कभी-कभी घरों के भीतर भी प्रवेश कर जाते हैं। जिससे महिलाएं और बच्चे भयभीत हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बंदर घरों की छतों पर रखे छतरी, मोटर, पाइप और डिस एंटीना के तारों सहित अन्य घरेलू सामानों को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं। छतों पर कोई भी सामान रखना मुश्किल हो गया है। क्योंकि बंदर उसे तहस-नहस कर देते हैं। ग्रामीणों को अपने छोटे बच्चों को भी इन बंदरों से बचाना पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने ग्राम सरपंच और नवलगढ़ वन विभाग को सूचित किया है। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इन बंदरों को पकड़कर दूर पहाड़ों में छोड़ने की मांग की है।
इनका कहना है…
एक बार टीम बुलाई गई थी। लेकिन बंदर पकड़ में नहीं आए। टीम ने आश्वासन दिया कि अभी भी प्रयास जारी हैं और टीम को दोबारा बुलाकर बंदरों को पकड़कर दूर छोड़ा जाएगा।
— कांता पारीक, प्रशासक, कोलसिया
राज्य सरकार के निर्देशानुसार, ग्राम पंचायतें अपने स्वयं के खर्चे पर लाल मुंह और काले मुंह के बंदरों को पकड़ने के लिए पेशेवर मदद ले सकती हैं और उन्हें सुरक्षित दूर स्थानों पर छोड़ सकती हैं।
— अमित कुमार सैनी, वन विभाग, नवलगढ़
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